जम्मू,जागरण संवाददाता । वरिष्ठ रंगकर्मी, नाट्य निर्देशक सुधीर महाजन इन दिनों लॉकडाउन के चलते अधिकतर समय संगीत साधन और पढ़ने लिखने में निकाल रहे हैं। लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करते हुए। इन दिनों जरूरतमंद लोगों के खाने की व्यवस्ता करने में भी लगे रहते हैं। सुबह नियमित संगीत साधन के बाद योग और उसके बाद दिन में किताबें पढ़ लेते हैं। उन्होंने बताया कि नाटक पढ़ने के अलावा इन दिनों पुस्तक ‘मेरा दागिस्तान’, ‘शस्त्र विदाई’ पढ़ रहा हूं।

डा. सुधीर महाजन वरिष्ठ रंगकर्मी हैं, डेढ़ सौ के करीब नाटकों का निर्देशन एवं अभिनय कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सीनियर ड्रामा इंस्ट्रक्टर हैं। उनके दिशा निर्देश में अकादमी के 20 के करीब नाट्योत्सवों का आयोजन हो चुका है। समूह थियेटर के संस्थापक निदेशक डा. सुधीर महाजन ने कहा कि आम दिनों में इतना काम रहता है कि अपने लिए समय निकाल पाना संभव ही नहीं होता। अब लॉकडाउन के चलते वह सब शौक पूरे कर रहा हूं, जिनके लिए आम दिनों में समय नहीं निकाल पाता था। अच्छा लग रहा है। मैं तो कहूंगा कि अपनी प्रतिभा को निखारने का इससे बेहतर मौका हो ही नहीं सकता।

लॉकडाउन का पालन तो हर नागरिक को करना ही है। घर बैठे समय बर्बाद करने के बजाए, हमें पढ़ने लिखने को अधिक समय देना चाहिए। अगर पेंटिंग, संगीत, डिजाइनिंग आदि का शौक है तो यह शौक पूरे करने का भी अच्छा मौका है। जो बच्चे रंगमंच के इच्छुक हैं, वह अधिक से अधिक साहित्य पढे़। नाटक पढ़ते हुए अपनी परिकल्पना से मंचन करने की भी सोचें। सकारात्मक सोच के साथ ही सकारात्मक चीजें करना संभव है। साहित्य पढने से ज्ञान बढता है आैर इससे हालात सामान्य होने पर सभी को इसका निश्चित तौर पर लाभ होगा। इस समय का सदुपयोग करना चाहिए ताकि सभी का भविष्य उज्ज्वल बन सके।

Posted By: Rahul Sharma

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