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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu News: पाकिस्तानी मोर्टार के हमले से बच्चे की जान बचाने के लिए ढाल बन गई मां, छर्रों के कारण बुरी तरह से हुई घायल

By surinder rainaEdited By: Deepak Saxena
Published: Fri, 27 Oct 2023 09:31 PM (IST)

पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी ने सीमावर्ती इलाके अरनिया में काफी क्षति पहुंचाई है। वहीं पाकिस्तान की ओर ...और पढ़ें

पाकिस्तानी मोर्टार के हमले से बच्चे की जान बचाने के लिए ढाल बन गई मां।
पाकिस्तानी मोर्टार के हमले से बच्चे की जान बचाने के लिए ढाल बन गई मां।

जागरण संवाददाता, जम्मू। अरनिया के पांच नंबर वार्ड की रहने वाली रजनी बाला पत्नी बलबीर कुमार गुरुवार रात लगभग सवा आठ बजे जब अपने घर के काम निपटाने में लगी थी, तभी पाकिस्तान ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी थी। वह गोद में अपने छोटे बेटे को उठाए मवेशियों को चारा दे रही थी कि उसने देखा एक मोर्टार उसके घर के ऊपर से गया। ऐसे में वह सब काम छोड़कर अपने बच्चे के साथ घर के अंदर भागी। इसी बीच कुछ और मोर्टार उसके गांव में गिरे।

रजनी के हाथ में लगे कई छर्रे

एक मोर्टार उसके आंगन में आकर गिरा और जोरधार धमाके के साथ फट गया। इसके छर्रे रजनी को भी लगे, जिससे वह घायल हो गई। मोर्टार के छर्रों से अपने बच्चे को बचाने के लिए उसने अपने शरीर से उसे पूरी तरह ढक लिया। बेटा तो बच गया लेकिन रजनी के हाथ में कुछ छर्रे लगे। इसी बीच पाकिस्तानी रेंजर लगातार गोलाबारी कर रहे थे। रजनी के घर के बाहर खड़े उनके ट्रैक्टर के चारों टायर गोली लगने से फट गए।

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सीमा के नजदीक था महिला का घर

रजनी ने बताया कि उनका घर सीमा के बहुत नजदीक है। शुक्रवार को भी रजनी के हाथ में लगे छर्रे नहीं निकाले गए थे। डाक्टरों का कहना है कि सूजन कम होने पर उन्हें निकाला जाएगा, इसमें दो-तीन दिन का समय लगेगा। वहीं, रजनी कहना है कि उसे अपने जख्मों की परवाह नहीं है। वह खुश है कि उसका बच्चा सुरक्षित है।

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