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    अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को पुख्ता बनाना जरूरी : मेजर जनरल देवेन्द्र शर्मा

    By Vikas AbrolEdited By:
    Updated: Wed, 25 Aug 2021 09:45 PM (IST)

    तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने से पैदा हुई चुनौतियों को देखते हुए भी जम्मू कश्मीर में सीमा की सुरक्षा को और पुख्ता बनाना जरूरी हो गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल पहले चक्र व सेना दूसरे चक्र में तैनात हैं।

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    इस बैठक में सीमा सुरक्षा बल पंजाब फ्रंटियर व जम्मू फ्रंटियर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    जम्मू, राज्य ब्यूरो । भारतीय सेना की पश्चिमी कमान, सीमा सुरक्षा बल के साथ बेहतर समन्वय बनाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा की भावी चुनौतियों का सामना करेंगे।

    अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस समय पाकिस्तान ड्रोन से आतंकवाद को शह देने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने से पैदा हुई चुनौतियों को देखते हुए भी जम्मू कश्मीर में सीमा की सुरक्षा को और पुख्ता बनाना जरूरी हो गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल पहले चक्र व सेना दूसरे चक्र में तैनात हैं।

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    बैठक में सीमा सुरक्षा बल पंजाब फ्रंटियर व जम्मू फ्रंटियर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया

    ऐसे हालात में सेना की पश्चिमी कमान की सीमा सुरक्षा बल की पश्चिमी कमान के अधिकारियों से हुई समन्वय काफ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय सीमा के मौजूदा हालात पर मंथन करने के साथ सुरक्षा ग्रिड को और पुख्ता बनाने की रणनीति तैयार की गई। चंडी मंदिर में सेना की पश्चिमी कमान मुख्यालय में बुधवार को हुई। इस बैठक में सीमा सुरक्षा बल पंजाब फ्रंटियर व जम्मू फ्रंटियर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    सेना की पश्चिमी कमान के मेजर जनरल (जनरल स्टाफ) आपरेशन देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीमा सुरक्षा बल जम्मू फ्रंटियर के आईजी एनएस जम्वाल, सीमा सुरक्षा बल पंजाब फ्रंटियर की आईजी सोनाली मिश्रा व बल के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    सीमा प्रबंधन के लिए बेहतर ट्रैनिंग व आधुनिक उपकरण होना बहुत जरूरी है

    इस दौरान तय किया कि सीमा की सुरक्षा करने के लिए अब सेना व सीमा सुरक्षा बल के लिए संयुक्त कार्य संस्कृति से दुश्मन के नापाक इराधों काे नाकाम बनाना जरूरी हो गया है। ऐसे में सीमा प्रबंधन के लिए बेहतर ट्रैनिंग व आधुनिक उपकरण होना बहुत जरूरी हैं। इस बैठक में सीमा रक्षण की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा करने के साथ उनसे निपटने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, हथियारों के बारे में बातचीत के साथ सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर भी विचार विमर्श किया गया।

    सेना-सीमा सुरक्षाबल ने मिलकर दुश्मन के मंसूबों को नाकाम बनाया है

    भारत व पाकिस्तान से लड़ी गई सभी जंगों के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सेना-सीमा सुरक्षाबल ने मिलकर दुश्मन के मंसूबों को नाकाम बनाया है। इस समय भी सेना-सीमा सुरक्षाबल पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को शह देने की सभी साजिशों को मिलकर नाकाम बना रहे हैं।