Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Jammu News: लश्कर और हिजबुल के नार्को टेरर गठजोड़ का मुख्य सरगना गिरफ्तार, 2020 से फरार चल रहा था आरोपी

    जम्मू-कश्मीर में एनआईए को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एनआईए ने लश्कर और हिजबुल के नार्को टेरर गठजोड़ के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईएन ने गिरफ्तारी पर इनाम रखा था। साल 2020 से ये आतंकी फरार चल रहा था। कुपवाड़ा का रहने वाला सैयद सलीम जहांगीर जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और आतंक के लिए धन जुटाने का काम करता था।

    By rohit jandiyal Edited By: Deepak Saxena Updated: Sun, 07 Jul 2024 11:45 PM (IST)
    Hero Image
    लश्कर और हिजबुल के नार्को टेरर गठजोड़ का मुख्य सरगना गिरफ्तार (फाइल फोटो)।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जम्मू-कश्मीर के नार्को टेरर गठजोड़ के मुख्य सरगना को रविवार का गिरफ्तार कर लिया। वह जून 2020 से फरार था। यह आरोपित कुपवाड़ा जिले का रहने वाला सैयद सलीम जहांगीर अंद्राबी उर्फ सलीम अंद्राबी है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एनआईए ने उस पर इनाम भी रखा था। एनआईए के एक बयान में कहा कि अंद्राबी पर एनडीपीएस अधिनियम, आईपीसी और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया था। उसकी गिरफ्तारी एनआईए के नार्को-टेरर गठजोड़ को तोड़ने और सीमा पार स्थित आतंकी संगठनों द्वारा भारत में बनाए गए इकोसिस्टम को नष्ट करने के प्रयासों में एक बड़ी सफलता है।

    एनआईए ने स्थानीय पुलिस से संभाल थी जांच

    जांच एजेंसी ने 16 जून, 2020 को इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ली थी। एनआईए ने जांच में पाया था कि अंद्राबी जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और आतंक के लिए धन जुटाने के गहरे षड्यंत्र का हिस्सा था। यह षड्यंत्र नशा तस्करों ने पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ मिलकर रचा था।

    ये भी पढ़ें: Jammu Kashmir News: काला जादू के संदेह पर नगरोटा के हनुमान मंदिर में हुई थी तोड़फोड़, आरोपित गिरफ्तार

    15 किलोग्राम हिरोइन हुई थी बरामद

    एनआईए की जांच से पता चला है कि नशीले पदार्थों के रैकेट के माध्यम से मिलने वाले धन को आतंकी हिंसा को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मामला मूल रूप से अब्दुल मोमिन पीर की गिरफ्तारी के बाद हंदवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। जब उसके कार को पुलिस ने रोका था। उसके पास से 20 लाख रुपये नकद और दो किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। पूछताछ के बाद पुलिस को 15 किलोग्राम और हेरोइन और 1.15 करोड़ रुपये नकदी बरामद की थी।

    एनआईए ने इस मामले में दिसंबर 2020 और फरवरी 2023 के बीच 15 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इन मामले में और भी जांच जारी है।

    ये भी पढ़ें: Kulgam Encounter: घाटी को दहलाने की थी साजिश! सेना ने TRF कमांडर समेत छह आतंकियों को ऐसे किया ढेर