'लद्दाख पूरे वर्ष का बनेगा पर्यटन स्थल, गुलमर्ग की तर्ज पर यहां भी जल्द होंगे सर्दियों के खेल'; एलजी गुप्ता का दावा
उपराज्यपाल गुप्ता के अनुसार, लद्दाख को पूरे वर्ष के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। गुलमर्ग की तर्ज ...और पढ़ें

लद्दाख में विशेष रूप से विंटर टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा है।
HighLights
लद्दाख: पूरे साल पर्यटन स्थल बनेगा।
गुलमर्ग की तर्ज पर शीतकालीन खेल।
एलजी गुप्ता का महत्वपूर्ण दावा।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि लद्दाख में पर्यटन गतिविधियां आने वाले दिनों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लद्दाख पूरे वर्ष का पर्यटन स्थल बनेगा, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। यह धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
अपने जन्मदिन पर श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा में दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुप्ता ने लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने से संबंधित एक सवाल के जवाब में बताया कि क्षेत्र को सालभर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी हैं जिसमें विशेष रूप से विंटर टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लद्दाख का कार्य-सीजन लगभग आधे साल का होता है। हम विंटर गेम्स और विंटर टूरिज्म को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इस वर्ष से अखिल भारतीय स्तर के विंटर गेम्स लद्दाख में आयोजित किए जाएंगे।
लद्दाख में दो गंडोला परियोजनाएं प्रस्तावित हैं
गुलमर्ग से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे गुलमर्ग में सर्दियों के खेल और पर्यटकों की आवाजाही होती है, वैसे ही लद्दाख में भी ऐसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। दो गंडोला परियोजनाएं प्रस्तावित हैं और इस दिशा में काम जारी है।
उपराज्यपाल ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि जोजिला टनल का काम तेज़ी से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले साल अप्रैल तक टनल के दोनों छोर आपस में मिल जाएंगे और एक वर्ष के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसके शुरू होने से अमरनाथ यात्रा के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा।
लद्दाख में करीब 18000 सरकारी कर्मचारी
रोजगार के बारे में गुप्ता ने बताया कि लद्दाख में करीब 18000 सरकारी कर्मचारी तीन लाख की आबादी को सेवाएं दे रहे हैं। लगभग 3000 नए पद सृजित किए गए हैं और परीक्षाएं भी कराई जा चुकी हैं। उन्होंने आर्थिक गतिविधियों के जरिए रोजगार सृजन को भी रेखांकित किया।
लद्दाख में करीब 13000 एमएसएमई समूह सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 50000 लोग जुड़े हैं। हम होमस्टे सेक्टर को भी मजबूत कर रहे हैं ताकि बाहर से आने वाले विशेष तौर पर बाइकर्स स्थानीय घरों में ठहर सकें।
