राज्य ब्यूरो, जम्मू : कठुआ कांड की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वित्तीय मदद के नाम पर उसके पिता को देश-विदेश से भेज गए चंदे में से 10 लाख रुपये से अधिक किसी ने उनके बैंक खाते से निकलवा लिए। पीड़िता के पिता को यह पता भी नहीं चलता, अगर वह दो दिन पहले बैंक में पैसे निकलवाने नहीं जाते। उन्होंने कहा कि इस खाते में करीब 22-23 लाख रुपये थे। 10 लाख रुपये उन्होंने निकलवाए, लेकिन शेष राशि कौन ले गया, यह उन्हें पता नहीं। अब खाते में केवल एक लाख रुपये बचे हैं। हालांकि उन्होंने अभी पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।

फरवरी 2018 को जिला कठुआ के एक गांव में एक बच्ची रहस्मय हालात में गायब हो गई थी। कुछ दिन बाद उसका शव मिला था। इस मामले को लेकर देशभर में खूब हंगामा हुआ। देश-विदेश के कुछ मीडिया व मानवाधिकारों के कथित झंडाबरदारों ने भी इस मुद्दे को खूब उछला था। फिलहाल, इस मामले के सभी आरोपित जेल में हैं और केस की सुनवाई पंजाब के पठानकोट में स्थापित फास्ट ट्रैक कोर्ट में जारी है।

पीड़िता को न्याय दिलाने में किसी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए देश विदेश से लाखों रुपये का चंदा आया। चंदे के लिए पीड़िता के पिता व कुछ अन्य लोगों के नाम पर संयुक्त रूप से जम्मू कश्मीर बैंक में खाता खुलवाया गया था। जिस तरह बीते एक साल के दौरान पीड़िता को न्याय के नाम पर सियासत करने वाले धीरे-धीरे लापता हुए, उसी तरह से उसके पिता के खाते से पैसे भी अज्ञात लोग गायब करते गए।

पीड़िता के पिता ने बताया कि वह दो दिन पहले 10 अप्रैल को बैंक में पैसे निकलवाने गए, लेकिन कैशियर ने बताया कि किसी ने खाते में से 10 लाख रुपये की निकासी की है। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। जब खाता खुलवाया गया था तो कुछ दिन बाद हमें बताया गया कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा हुई है।

पासबुक दिखाते हुए पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि असलम खान नामक किसी आदमी ने इसी साल 11, 14, 15 व 18 जनवरी को चेक के जरिए दो-दो लाख रुपये निकलवाए हैं। जिस असलम को मैं जानता हूं, वह एक दो बार मेरे साथ बैंक में गया था। इसलिए मैंने जब उससे इस बारे में बात की तो उसने बुरा बर्ताव किया। ऐसा लगता है कि उसने ऐसा किया होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि असलम ने कुछ पैसे वापस भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि 21, 22 जनवरी को भी चार लाख रुपये बैंक से निकलवाए गए हैं। यह पैसा किसी नसीम नामक व्यक्ति ने चेक के जरिए निकला है। उसने कहा कि मैं तो अनपढ़ हूं। चेक पर भी अंगूठा ही लगाता हूं।

संबंधित बैंक अधिकारियों ने कहा कि यह सारी राशि चेक के जरिए निकली है। चेक पर पैसा जारी करने के संदर्भ में सभी नियमों और औपचारिकताओं का पालन किया गया है। चेक पर तिथि थी, अंगूठे के निशान व अन्य जरूरी चीजें थी, इसलिए उसे नहीं रोका जा सकता था। अगर संबंधित लोगों को लगा था कि चेक चोरी हुए हैं या किसी ने उनके साथ धोखा किया है तो वह बैंक को सूचित कर चेक पास करने पर रोक लगवा सकते थे। ऐसा लगता है कि पीड़ित परिवार के बारे में पूरी जानकारी रखने वाला ही कोई ऐसा कर सकता है। उमर ने खाते से पैसा निकलने पर जताई नाराजगी :

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कठुआ कांड की पीड़िता के पिता के खाते से अज्ञात लोगों द्वारा पैसे निकलवाए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि नेशनल कांफ्रेंस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उसके परिवार को हमेशा समर्थन देते रहेंगे, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी को अपने फायदे के लिए भुनाया और और अपना कैरियर बनाया, उन्हें इस बात का जवाब देना होगा कि आखिर क्यों उन्होंने अपने फायदे के लिए इस परिवार को अकेला छोड़ दिया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप