कश्मीर से कन्याकुमारी तक फरवरी में दौड़ेंगी ट्रेनें, माता वैष्णो देवी से बडगाम के बीच 24 जनवरी को चलेगी वंदे भारत
Train to Kashmir कश्मीर से कन्याकुमारी तक ट्रेन का सपना फरवरी के पहले हफ्ते में पूरा हो सकता है। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन से कश्मीर के बडगाम रेलवे स्टेशन तक पहली वंदे भारत का ट्रायल 24 जनवरी को किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी के पहले हफ्ते में कश्मीर के लिए पहली रेल सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता, जम्मू। Train to Kashmir: कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल चलाने का सपना फरवरी के पहले सप्ताह पूरा हो सकता है। रेलवे ने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली है। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन से कश्मीर के बडगाम रेलवे स्टेशन तक पहली वंदे भारत का ट्रायल इसी शुक्रवार और शनिवार को किया जाएगा।
ट्रायल के लिए नई दिल्ली से रेलवे बोर्ड के सदस्य कटड़ा आ रहे हैं। पूरी संभावना है कि ट्रायल सफल रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फरवरी के पहले सप्ताह कश्मीर के लिए पहली रेल सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा गणतंत्र दिवस के मौके पर रेल सेवा की शुरुआत करने की संभावना जताई गई थी।
कश्मीर के लिए वंदे भारत का होगा ट्रायल
करीब 247 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बडगाम रेल सेक्शन में वंदे भारत सबसे पहली ट्रेन होगी, जिसे यात्रियों के लिए चलाया जाएगा। यही कारण है कि शुक्रवार और शनिवार को कटड़ा से बड़गाम के बीच पहली वंदे भारत का ट्रायल किया जा रहा है।
इस ट्रायल को सफल बनाने के लिए रेलवे बोर्ड के मेंबर टैक्सेशन सतीश कुमार को विशेष तौर पर नई दिल्ली से कटड़ा भेजा जा रहा है। वह शुक्रवार सुबह कटड़ा पहुंचेंगे। उनकी देखरेख में इस क्षेत्र में पहली वंदे भारत ट्रेन को चलाया जाएगा। इससे पहले नवनिर्मित कटड़ा से संगलदान ट्रैक पर ट्रेन चलाने के कई सफल ट्रायल हो चुके हैं।
देश की सबसे लंबी टनल में दौड़ेगी वंदे भारत
इसी हिस्से में बेहद कठिन परिस्थितियों में बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे का आर्च पुल, अंजी नाले पर देश का पहला केबल आधारित रेलवे पुल व देश की सबसे लंबी रेलवे टनल भी है, जो इंजीनियरिंग की बेजोड़ मिसाल है। वंदे भारत हाई स्पीड ट्रेन है और इसका ट्रायल सफल रहता है तो इस सेक्शन में रेल यातायात शुरू करने में कोई अड़चन नहीं रहेगी।
कटड़ा से बडगाम के बीच रेल चलाने की सारी तैयारियां पूरी करने के साथ कर्मचारियों की तैनाती भी की जा चुकी है। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने के लिए यहां रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के अलावा जनरल रेलवे पुलिस के विशेष दस्ते तैनात कर दिए गए हैं। मौजूदा समय में कटड़ा तक ट्रेन चलती है और कश्मीर से संगलदान तक भी रेल सेवा जारी है।
केवल कटड़ा-संगलदान के बीच ट्रेन दौड़ते ही उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो जाएगी। इस परियोजना को वर्ष 1997 में शुरू किया गया था, हालांकि कई अड़चनें आने के बाद इसकी समय सीमा बढ़ती गई। मौजूदा केंद्र सरकार ने इस परियोजना में विशेष दिलचस्पी दिखाई और यह पूरी हो गई है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।