Move to Jagran APP

Jammu-Kashmir IAF Officers Killing Case: अभियुक्तों की अनुपस्थिति के कारण चश्मदीदों द्वारा टाली गई पहचान

आईएएफ के चार जवानों के मारे जाने के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक सहित छह आरोपियों की चश्मदीद गवाह की पहचान शनिवार को एक स्थानीय अदालत ने टाल दी। जबकि दो चश्मदीदों में से एक ने उनकी पहचान करने की इच्छा जताई थी।

By Jagran NewsEdited By: Himani SharmaPublished: Sat, 01 Apr 2023 02:21 PM (IST)Updated: Sat, 01 Apr 2023 02:21 PM (IST)
अभियुक्तों की अनुपस्थिति के कारण चश्मदीदों द्वारा टाली गई पहचान

जम्मू, पीटीआई: ग्रीष्मकालीन राजधानी में आतंकवादी हमले में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के चार जवानों के मारे जाने के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक सहित छह आरोपियों की चश्मदीद गवाह की पहचान शनिवार को एक स्थानीय अदालत ने टाल दी। सीबीआई की मुख्य अभियोजक मोनिका कोहली ने कहा कि कुछ आरोपितों के यहां अदालत में उपलब्ध नहीं होने के कारण पहचान टाल दी गई थी। जबकि दो चश्मदीदों में से एक ने उनकी पहचान करने की इच्छा जताई थी।

loksabha election banner

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए थे मौजूद 

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद मलिक बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मौजूद थे। दो चश्मदीद गवाह जिरह के लिए आए और उनमें से एक ने अभियुक्तों की पहचान करने की इच्छा व्यक्त की। चूंकि कुछ आरोपित अदालत में मौजूद नहीं थे, इसलिए पहचान को अगली सुनवाई तक के लिए टाल दिया गया। उसने कहा कि दूसरे चश्मदीद गवाह से जिरह पूरी हो गई थी लेकिन उसने आरोपित की पहचान करने में असमर्थता जताई।

कई अन्‍य लोगों के खिलाफ अलग-अलग आरोप तय कर चुकी अदालत 

विशेष टाडा अदालत पहले ही इस मामले में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख और कई अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग आरोप तय कर चुकी है। साथ ही एक अन्य मामला जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण से संबंधित है।

1989 के अपहरण मामले में आरोप किए गए तय

जबकि मलिक और छह अन्य के खिलाफ 16 मार्च, 2020 को चार आईएएफ कर्मियों की हत्या में आरोप तय किए गए थे।अदालत ने मलिक और नौ अन्य के खिलाफ पिछले साल 11 जनवरी को रुबैया के 1989 के अपहरण मामले में आरोप तय किए हैं। केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के एक महीने बाद मलिक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अप्रैल 2019 में एक टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.