Updated: Fri, 29 Aug 2025 10:55 PM (IST)
जम्मू में बाढ़ के कारण जोगी गेट श्मशान घाट बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिससे अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है। आरएसएस और खालसा दल के स्वयंसेवकों ने घाट को साफ़ करने में मदद की है जिससे कुछ अंतिम संस्कार हो सके। सेवा समिति लोगों से घाट को साफ़ करने में सहयोग करने की अपील कर रही है।
जागरण संवाददाता, जम्मू। भीषण बाढ़ ने जम्मू शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। पुराने जम्मू शहर का ऐतिहासिक जोगी गेट श्मशान घाट पूरी तरह पानी और गाद में डूब गया, जिससे आम नागरिकों के सामने परिजनों का अंतिम संस्कार करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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जोगी गेट में संस्कार हो सकें इसके प्रयास सेवा समिति की ओर से लगातार किए जा रहे हैं। ऐसे कठिन हालात में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक आगे आए हैं।
स्वयंसेवकों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद घाट के एक हिस्से को साफ कर इस काबिल बना दिया कि कम से कम एक दो संस्कार तो संभव हो सके।
इसी प्रयास के चलते घाट पर वीरवार और शुक्रवार को एक-एक अंतिम संस्कार हो सका। सेवा समिति के लोग लगातार गुहार लगा रहे हैं कि लोग जोगी गेट को साफ करने में सहयोग करें।
जब तक श्मशान घाट संस्कार के काबिल नहीं होता लोग शक्ति नगर, गांधी नगर और दूसरे सुरक्षित घाटों पर जाकर ही अंतिम संस्कार करें। सेवा समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से जोगी गेट को बनाया था।
जल्द पुराने जैसे सब बनना तो संभव नहीं है, लेकिन संस्कार योग्य बनाने के लिए जल्द प्रयास करने की जरूरत है। अब एक-दो संस्कार हो पा रहे हैं, तो उसमें खालसा दल और स्वयंसेवकों की मेहनत के कारण ही संभव हुआ है।
सेवा समिति के महासचिव राकेश शर्मा ने कहा कि जोगी गेट की तरह दूसरे सभी क्षतिग्रस्त श्मशान घाटों को भी जल्द इस काबिल बनाया जाना चाहिए कि लोग अंतिम संस्कार विधिपूर्वक कर सकें। जोगी गेट की तो हालत यह है कि पीपल की परिक्रमा के लिए भी वहां पानी की सुविधा नहीं है।
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