जम्मू में भारतीय सेना का करिश्मा, तवी नदी पर टूटे पुल को सिर्फ 12 घंटे में बनाकर यातायात किया बहाल
भारतीय सेना ने जम्मू में तवी नदी पर बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए चौथे पुल को सिर्फ 12 घंटे में बनाकर यातायात बहाल कर दिया। सेना ने भगवती नगर में अस्थायी पुल का निर्माण किया जिसका उद्घाटन मेजर जनरल मुकेश भनवाला ने किया। 110 फुट लंबे पुल से तीन दिनों से बाधित यातायात सुचारू हो गया है।

जागरण संवाददाता, जम्मू। प्राकृतिक आपदा में फरिश्ते बनकर उतरने वाली सेना ने जम्मू में तवी नदी पर बहे चौथे पुल को 12 घंटे में तैयार कर आवाजाही को सुचारू करवा दिया है।
शुक्रवार सुबह सेना ने भगवती नगर में चाैथे पुल के हिस्से पर अस्थायी पुल का निर्माण शुरू किया। करीब 12 घंटों की मेहनत के बाद शाम को यह पुल तैयार हो गया।
टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल मुकेश भनवाला स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुल का निरीक्षण किया और सेना के वाहनों को चलाकर इसका शुभारंभ कर दिया।
सेना ने 110 फुट लंबे पुल को बनाकर पिछले तीन दिनों से बंद पड़ी यातायात व्यवस्था को पटरी पर ला दिया है।
अब भगवती नगर में तवी नदी पर बने चौथे पुल से वाहनों की आवाजाही सुचारू तरीके से हो पाएगी। हालांकि सेना द्वारा बनाए गए इस पुल से एक तरफा आवाजाही ही रहेगी।
पुल तैयार होने पर सेना के जवानों को उत्साह तो सातवें आसमान पर था ही, वहां मौजूद लोग भी सेना का उत्साह बढ़ाने के लिए जयघोष लगा रहे थे।
इस मौके पर जीओसी टाइगर डिवीजन ने पत्रकारों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि मरम्मत में समय लगने की संभावना के कारण टाइगर डिवीजन के इंजीनियरों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बह गए रास्तों और सीमित कार्यस्थल को पार करते हुए 110 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया।
पुल 12 घंटे से भी कम समय में बनकर तैयार हो गया जिससे वाहनों की आवाजाही संभव हो गई। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जम्मू, सांबा, कठुआ, पठानकोट और गुरदासपुर में बाढ़ से बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ।
लोग प्रभावित हुए। तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन के साथ निकट समन्वय में तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू किया।
26 अगस्त से राइजिंग स्टार कोर के भारतीय सेना के जवानों ने बाढ़ के पानी और प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए सेना और वायु सेना के हेलीकाप्टरों की सहायता से कई बचाव टुकड़ियां तैनात की हैं।
सेना ने सक्रिय रूप से आवश्यक उपकरणों के साथ आवश्यक संख्या में टुकड़ियां तैनात कीं और बच्चों, छात्रों और अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित लगभग एक हजार फंसे हुए कर्मियों को बचाया।
साथ ही वैकल्पिक ऑप्टिकल फाइबर केबल लाइनें बिछाकर जम्मू और श्रीनगर के लिए महत्वपूर्ण संचार संपर्क भी बहाल किए।
बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक चिकित्सा सहायता, भोजन और राहत सामग्री प्रदान की गई। भारतीय सेना के प्रयास नागरिक प्रशासन और सभी एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में रहे हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार, 26 अगस्त को भगवती नगर में बने चौथे पुल का एक हिस्सा बह गया था। तब से आवाजाही बंद कर दी गई थी।
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