जम्मू, पीटीआई । कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार की सुबह नगरोटा शहर से फिर से शुरू हुई। यात्रा में एक फिल्म एक्ट्रेस से राजनेता बनीं उर्मिला मातोंडकर भी उनके साथ रही। उर्मिला मातोंडकर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8 बजे मार्च शुरू होने के तुरंत बाद ही भारत जोड़ा यात्रा में शामिल हो गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी उनका जमकर स्वागत किया।

2019 में कांग्रेस से दिया था इस्तीफा

बता दें कि उर्मिला मातोंडकर 1990 के दशक के लोकप्रिय बॉलीवुड सितारों में से एक है। 48 वर्षीया उर्मिला मातोंडकर ने छह महीने के बाद सितंबर 2019 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और 2020 में शिवसेना में शामिल हो गईं थी। मातोंडकर क्रीम रंग के पारंपरिक कश्मीर फेरन और बीनी टोपी पहने राहुल गांधी के साथ-साथ चलते हुए बातचीत भी कर रही थीं।

जम्मू कांग्रेस के कई नेता हुए शामिल  

प्रसिद्ध लेखक पेरुमल मुरुगन और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकार रसूल वानी, उनके पूर्ववर्ती जीए मीर और पूर्व मंत्री अब्दुल हामिद कर्रा भी हाथों में तिरंगा लेकर सैकड़ों अन्य लोगों के साथ यात्रा में शामिल हुए। सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई यात्रा गुरुवार को पंजाब से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हुई और सोमवार को जम्मू शहर पहुंची।

स्थानीय लोगों ने किया राहुल गांधी का स्वागत 

मार्च 30 जनवरी को शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में एक भव्य रैली के साथ श्रीनगर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ रामबन और बनिहाल में दो रात रुकने वाली है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक ने कहा कि लद्दाख प्रादेशिक कांग्रेस के अध्यक्ष नवांग रिगजिन जोरा के नेतृत्व में 65 सदस्यीय लद्दाख प्रतिनिधिमंडल यात्रा की शुरुआत में राहुल गांधी के साथ शामिल हुआ और उन्हें अपने लोगों के मुद्दों और परेशानियों के बारे में जानकारी दी। कश्मीरी पंडित प्रवासी महिलाओं का एक समूह, अपने पारंपरिक परिधान पहने और फूल की पंखुड़ियां लिए हुए, गांधी का स्वागत करने के लिए प्रसिद्ध कोल-कंडोली मंदिर के बाहर इंतजार कर रहा था।

भाजपा पुनर्वास में बुरी तरह रही विफल - गीता कौल

गीता कौल ने बताया, "हम कश्मीर से हमारे प्रवास के बाद पिछले तीन दशकों से जम्मू में भटक रहे हैं। हम राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए यहां आए हैं, क्योंकि वह घाटी में हमारे पुनर्वास में मदद कर सकते हैं। यह कांग्रेस थी जिसने अतीत में रोजगार प्रदान करके समुदाय के लिए काम किया था। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा समुदाय का पुनर्वास है और भाजपा इस मिशन में बुरी तरह विफल रही है और उसने हमारी उपेक्षा की है।

बता दें कि डेढ़ घंटे से अधिक चलने के बाद, भारत जोड़ो यात्रा का ठहराव होगा और दोपहर 2 बजे उधमपुर जिले में आर्मी गेट रेहंबल के पास से फिर से शुरू होगी।

Edited By: Nidhi Vinodiya

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