जम्मू-कश्मीर के चैन सिंह ने विश्व कप शूटिंग में लहराया जीत का परचम, भारत के नाम किया कांस्य पदक
जम्मू के शूटर चैन सिंह ने आइएसएसएफ विश्व कप शूटिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि आज उनका जन्मदिन भी है और इस पर उन्होंने देश को यह मेडल तोहफे के रूप में दिया है। अपनी लगन और सफलता के लिए वह जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने चैन सिंह को बधाई दी।
विकास अबरोल, जम्मू। प्रदेश के अनुभवी शूटर चैन सिंह ने अर्जंटीना के ब्यूनस आयर्स में जारी आइएसएसएफ (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोटर्स फेडरेशन) की विश्व कप शूटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर कांस्य पदक जीतकर भारत को अपना पहला पदक दिलाया। चैन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन वर्षों के लंबे इंतजार के उपरांत पदक जीतकर अपनी शानदार वापसी करते हुए देशवासियों को अपने जन्मदिन पर पदक के रूप में एक शानदार तोहफा दिया है।
अर्जेंटीना में जारी प्रतियोगिता के अंतर्गत पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा में हंगरी के इस्तवान पेनी ने 461.0 अंक हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के तियान जियामिंग ने 458.8 अंकों के साथ रजत पदक और भारत के चैन सिंह ने अपने शांत दृढ़ संकल्प और लक्ष्य की ओर नजर जमाते हुए 443.7 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीतकर पिछले तीन वर्षों से चले आ रहे पदक के अकाल को समाप्त किया है।
चैन का इस क्षण तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है। आतंकवाद के चरम के दौरान जम्मू-कश्मीर के डोडा में पले-बढ़े चैन सिंह को शुरू में बंदूकों से डर लगता था लेकिन भारतीय सेना में शामिल होने पर उन्होंने अपने डर पर पूरी तरह से काबू पा लिया और उन्हें पहली सफलता वर्ष 2014 में मिली जब उन्होंने दो एशियाई पदक जीते। एशियाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण और एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर स्वयं को रियो ओलिंपिक के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया।
हालांकि 2016 के खेलों से ठीक पहले चैन सिंह को निमोनिया से भी जूझना पड़ा था और तब ऐसे समय में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शूटर चैन सिंह को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। इसके बावजूद चैन सिंह ओलिंपिक में जगह बनाने में सफल रहे लेकिन 3-पोजिशन स्पर्धा में केवल 23वां स्थान ही हासिल कर सके।
2019 में वापसी की तैयारी के लिए लगा दी थी ताकत
चैन सिंह का इसके बाद के वर्षों में करियर पीछे छूट गया क्योंकि देश के कईं युवा निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार सुर्खियों में छा गए। हालांकि अपने विदेशी कोच थॉमस फार्निक और कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नरेन बाबू के अपार धैर्य और समर्थन से चैन सिंह ने 2019 में वापसी की तैयारी के लिए ताकत और शारीरिक प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया। इसके उपरांत चैन सिंह ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पूर्व प्रतिभा की झलक दिखाते हुए शानदार वापसी की और इस आइएसएसएफ विश्व कप में कांस्य पदक से समापन किया।
ब्यूनस आयर्स में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा का फाइनल भारतीय निशानेबाजों की तीन पीढ़ियों के बीच एक रोमांचक मुकाबला था। दो बार के ओलिंपियन ऐश्वर्या प्रताप सिंह तोमर, रियो ओलिंपियन चैन सिंह और नीरज कुमार सभी ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जो प्रतियोगिता में अनुभव और युवाओं का मिश्रण था।
तोमर और चैन सिंह शुरुआत में "नीलिंग" पोजिशन के बाद पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने असाधारण संयम और कौशल दिखाते हुए प्रोन राउंड में वापसी की। एक रोमांचक मुकाबले में चैन सिंह ने अपने युवा साथी तोमर को पछाड़ दिया। जिन्हें अपने 41वें शॉट पर 7.8 के साथ झटका लगा। चैन सिंह ने अपना धैर्य बनाए रखा और 443.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
चैन सिंह ने जीत के उपरांत कहा कि यह पदक मेरे लिए बहुत खास है। यहां पहुंचने के लिए मुझे तीन वर्षों का लंबा समय लगा है। इस दौरान मैंने कईं उतार-चढ़ाव भी देखे हैं। तीन वर्ष तक पदक के बिना रहने के बाद इस तरह से वापसी करना एक ऐसा क्षण है जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। सबसे महत्वपूर्ण बात थी ध्यान केंद्रित करना, स्थिरता बनाए रखना और हर स्थिति में अपनी लय बनाए रखना।
चैन सिंह की जीत की यह कहानी उनके कभी हार न मानने और सभी बाधाओं से लड़ने की कहानी है। यह याद दिलाता है कि जब दुनिया आगे बढ़ जाती है, तब भी सच्चे चैंपियन फिर से उठने का रास्ता खोज लेते हैं। जम्मू-कश्मीर के युवाओं और पूरे भारत के सभी युवा खिलाड़ियों के लिए उनका संदेश स्पष्ट है। सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत, धैर्य और दृढ़ता से मिलती है।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने चैन सिंह को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में आइएसएसएफ विश्व कप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने के लिए डोडा के निशानेबाज, भारतीय सेना के चैन सिंह को हार्दिक बधाई।
जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा
आपकी लगन और सफलता जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा है। चैन सिंह पोडियम पर गर्व से खड़े हैं। उनके गले में कांस्य पदक है। ऐसी दुनिया में जहां अक्सर तुरंत सफलता ही केंद्र में होती है।
आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर नज़र रखने के साथ यह आइएसएसएफ विश्व कप कांस्य पदक उनके शानदार करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अभी के लिए चैन सिंह ने सुर्खियों में आने का एक अच्छा मौका अर्जित किया है लेकिन उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
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