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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JK Result: कौन हैं वो नवनिर्वाचित 13 विधायक, जिनका राजनीतिक परिवारों से है संबंध, किसी के पिता तो किसी के दादा का है दबदबा

Published: Sun, 13 Oct 2024 06:41 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर की नई विधानसभा में 13 विधायक ऐसे हैं जिनका संबंध राजनीतिक परिवारों से है। इनमें से अधिकतर नेशनल कांफ्रेंस ...और पढ़ें

JK Result: कौन हैं वो नवनिर्वाचित 13 विधायक, जिनका राजनीतिक परिवारों से है संबंध।
JK Result: कौन हैं वो नवनिर्वाचित 13 विधायक, जिनका राजनीतिक परिवारों से है संबंध।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर की नई विधानसभा के लिए चुने गए विधायकों में 13 विधायक ऐसे हैं जिनका संबंध राजनीतिक परिवारों से रहा है। उनके परिवारों के सदस्य पहले भी चुने जाते रहे हैं। इनमें से अधिकतर नेशनल कांफ्रेंस के हैं।

जम्मू कश्मीर विधानसभा के लिए नेशनल कांफ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है और उसने कांग्रेस व अन्य सहयोगियों के साथ गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री पद के लिए अपना दावा पेश कर चुके हैं।

उमर अब्दुल्ला के पिता फारूक अब्दुल्ला और उनके दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला दोनों ही जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री और विधायक रह चुके हैं। सलमान सागर जो हजरतबल विधानसभा सीट से चुने गए हैं, उनके पिता अली मोहम्मद सागर विधायक और मंत्री रह चुके हैं और वह रिकॉर्ड सातवीं बार विधायक बने हैं।

मियां अल्ताफ का अहम स्थान

कश्मीर की जनजाति राजनीति में मियां अल्ताफ अहमद का अहम स्थान है। वह अनंतनाग-राजौरी से सांसद हैं और उनके बेटे मियां मेहर अली कंगन से विधायक चुने गए हैं। इसी तरह से मियां अल्ताफ के एक अन्य रिश्तेदार भी विधानसभा के लिए चुने गए हैं।

पिता सादिक अली भी पूर्व विधायक थे

उनके साले जफर अली खटाना कोकरनाग विधानसभा सीट से विजय हुए हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा के पूर्व स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन के बेटे की हिलाल अकबर लोन भी सोनावरी सीट से जीतें हैं। वह स्वयं भी तीन बार विधायक रहे हैं।

नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक जडीबल विधानसभा सीट से जीते हैं और उनके पिता भी पूर्व विधायक सादिक अली थे।

इसी तरह से उड़ी से नेकां के सज्जाद शफी जीते हैं जो पूर्व शिक्षा मंत्री मोहम्मद शफी उड़ी के बेटे हैं। सोपोर सीट से जीते नेशनल कांफ्रेंस उम्मीदवार इरशाद रसूल कार भी, कांग्रेस के नेता और पूर्व प्रधान गुलाम रसूल कार के बेटे हैं।

शेख अहसान अहमद भी एमएलसी के बेटे हैं

श्रीगुफारा-बीजबिहाड़ा सीट से जीते नेकां के विधायक बशीर अहमद वीरी भी पूर्व मंत्री अब्दुल गनी शाह वीरी के बेटे हैं। इसी तरह से लाल चौक से जीते विधायक शेख अहसान अहमद भी पूर्व एमएलसी शेख गुलाम कादिर परदेसी के बेटे हैं।

इंजीनियर रशीद के भाई भी बने विधायक

नेशनल कांफ्रेंस के अलावा त्राल से पीडीपी के विधायक रफीक अहमद नायक जीते हैं, वह भी पूरा स्पीकर अली मोहम्मद नायक के बेटे हैं। लंगेट से खुर्शीद अहमद शाह जो विधायक बने हैं, वह भी बारामूला लोक सभा सीट से सांसद इंजीनियर रशीद के भाई हैं।

तारिक हमीद करा भी राजनीतिक परिवार से 

वहीं जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान तारिक हमीद करा भी एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं हालांकि उनके दादा गुलाम मोहिउद्दीन करा कभी विधायक नहीं बने लेकिन नेशनल कांफ्रेंस में उनका अच्छा प्रभाव था।

करा कांग्रेस कमेटी के प्रधान से पहले भी विधायक रह चुके हैं और श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से 2014 में सांसद चुने गए थे लेकिन कश्मीर में लोगों की हत्याओं पर उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था।

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