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    250 करोड़ घोटाला मामला: जेके बैंके के पूर्व चैयरमैन गिरफ्तार, घर से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद; जानें क्या है पूरा मामला

    By rohit jandiyalEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Sat, 02 Dec 2023 09:20 AM (IST)

    JK Bank 250 crore scam case प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जम्मू-कश्मीर में 250 करोड़ रुपये के मनी लान्ड्रिंग (Money Laundring Case) मामले में जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद शफी डार (Former Chairman Mohammad Shafi Dar arrested) को गिरफ्तार किया है। ईडी ने डार के आवास सहित अन्य जगहों पर तलाशी ली थी। तलाशी में प्रवर्तन निदेशालय को कई आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद हुए थे।

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    मनी लान्ड्रिंग मामले में जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। JK Bank 250 crore scam case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जम्मू-कश्मीर में 250 करोड़ रुपये के मनी लान्ड्रिंग (Money Laundring Case) मामले में जम्मू-कश्मीर सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद शफी डार (Former Chairman Mohammad Shafi Dar arrested) को गिरफ्तार किया है।

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    विशेष अदालत में पेश होंगे डार

    डार को काल्पनिक फर्म रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद हिलाल ए मीर के साथ गिरफ्तार किया गया और उन्हें एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

    कई स्थानों में ली तलाशी

    प्रवर्तन निदेशालय ने एक दिन पहले वीरवार को इसी मामले में डार के आवास सहित अन्य जगहों पर तलाशी ली थी। तलाशी में प्रवर्तन निदेशालय को कई आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद हुए थे।

    फर्जी कोऑपरेटिव सोसायटी के  नाम पर हुई धोखाधड़ी

    अधिकारियों का कहना है कि धोखाधड़ी फर्जी रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के नाम पर की गई थी। उन्होंने बताया कि मनी लान्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत एजेंसी को तलाशी और जब्ती के लिए प्रदान की गई शक्तियों के तहत श्रीनगर में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय ने छापेमारी की।

    ईडी ने डार और अन्य के खिलाफ दायर किया था आरोप पत्र

    अगस्त 2020 में जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए मीर, डार और अन्य के खिलाफ मामले में आरोप पत्र दायर किया था। एसीबी की जांच के अनुसार मीर ने सहकारी समितियों के प्रशासन विभाग के सचिव को एक आवेदन दिया था। 

    औपचारिकताओं का पालन किए बिना बैंक ने दिया 223 करोड़ का ऋण

    जहां उन्होंने श्रीनगर के बाहरी इलाके शिवपोरा में 37.5 एकड़ भूमि पर सैटेलाइट टाउनशिप के निर्माण के लिए जेके सहकारी बैंक लिमिटेड को 300 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए निर्देश देने की मांग की थी। श्रीनगर में जेके सहकारी बैंक ने किसी भी औपचारिक औपचारिकताओं का पालन किए बिना 223 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया।

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    क्यों गिरफ्तार हुए पूर्व चेयरमैन डार? 

    जांच से पता चला कि रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी को रजिस्ट्रार सहकारी सोसायटी जम्मू और कश्मीर के साथ पंजीकृत भी नहीं किया गया और मीर ने डार और अन्य के साथ मिलकर सोसायटी के नाम पर एक फर्जी और काल्पनिक पंजीकरण प्रमाण पत्र तैयार किया।

    बैंक के पास गिरवी नहीं रखी भूमि

    ऋण राशि भूमि मालिकों के खातों में वितरित कर दी गई लेकिन भूमि बैंक के पास गिरवी नहीं रखी गई। इसके अलावा एसीबी द्वारा की गई जांच में 223 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई धनराशि का पता लगाने में सफलता मिली है और 187 करोड़ रुपये की राशि ब्यूरो द्वारा जब्त कर ली गई है।

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