यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए बदला नियम, ड्यूटी के टाइम अब ये काम करना होगा जरूरी
जम्मू के अस्पतालों में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच बढ़ती मारपीट की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों ...और पढ़ें

HighLights
- एप्रन पहनना अनिवार्य किया गया |
- मरीजों को पहचानने में होगी आसानी |
- डॉक्टरों और तीमारदारों में झड़पें बढ़ीं |
राज्य ब्यूरो, जम्मू। अस्पतालों में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच लगातार बढ़ रही मारपीट की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी डॉक्टरों के लिए डयूटी के समय एप्रेन पहनना और नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। इससे मरीजों व तीमारदारों को पहचान हो कि कौन सा डॉक्टर डयूटी पर है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यह देखा गया है कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों व अस्पतालों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी के समय सफेद एप्रेन नहीं पहनते हैं और अपनी नेम प्लेट भी नहीं लगाते हैं।
इस कारण मरीजों व तीमारदारों के लिए पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन डयूटी पर है। इससे मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी डॉक्टर चाहे वे नेशनल हेल्थ मिशन के तहत नियुक्त हों या फिर आयुष के सभी को डयूटी के समय एप्रेन पहनना होगा।
प्रशासनिक सचिव ने सभी मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षकों व अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ काम करने वालों के लिए यह सुनिश्चित बनाएं कि सभी डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ एप्रेन पहने और नेम प्लेट लगाए।
गौरतलब है कि कुछ दिनों से अस्पतालों में डाक्टरों व मरीजों के तीमारदारों के बीच झड़पें बढ़ी हैं। पहले राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू में तीमारदारों ने एक महिला डॉक्टर के साथ मारपीट की। यह भी आरोप लगा था कि ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों ने एप्रेन नहीं पहना था।
इसके बाद श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में झड़पें हुई। दोनों ही जगहों पर मारपीट के बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू एक दिन पहले श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में गई और उन्होंने वहां पर मरीजों व तीमारदारों के साथ बात भी की।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डाक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं लेकिन यह भी सहन नहीं किया जाएगा कि वे हड़ताल पर चलें जाए जिससे बेकसूर मरीजों को परेशानी हो।
इसी को देखते हुए अब एप्रेन पहनना अनिवार्य किया गया है। हालांकि ऐसा आदेश पहली बार जारी नहीं हुआ है। इससे पूर्व भी इस प्रकार के आदेश जारी हुए हें लेकिन इन्हें लागू करवाने के लिए कोई भी गंभीरता नहीं दिखाता।
