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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pulwama Attack की बरसी से पहले जैश का बड़ा षड्यंत्र नाकामयाब, पुलिस ने धरे दो ओवरग्राउंड वर्कर

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
Published: Mon, 13 Feb 2023 07:35 PM (IST)

पुलवामा हमले की बरसी से एक दिन पहले सोमवार को पुलिस ने दो ओवरग्राउंड वर्करों को विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार ...और पढ़ें

Pulwama Attack की बरसी से पहले जैश का बड़ा षड्यंत्र नाकामयाब, पुलिस ने धरे दो ओवरग्राउंड वर्कर
Pulwama Attack की बरसी से पहले जैश का बड़ा षड्यंत्र नाकामयाब, पुलिस ने धरे दो ओवरग्राउंड वर्कर

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : पुलवामा हमले की बरसी से एक दिन पहले सोमवार को पुलिस ने दो ओवरग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) को विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार कर कश्मीर को दहलाने के जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा षड्यंत्र विफल कर दिया। आतंकियों के इन मददगारों से 25 ग्रेनेड, 230 कारतूस समेत दो पिस्तौल और असाल्ट राइफल की 10 मैगजीन व 300 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। दोनों ओजीडब्ल्यू इन हथियारों को आतंकियों को देने के लिए ठिकाने से निकले थे।

पुलवामा में 40 जवान हुए थे शहीद 

बता दें कि जैश के ही आत्मघाती आतंकी आदिल डार ने 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ की बस पर हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 कर्मी बलिदान हुए थे। खुफिया एजेंसियों ने पुलवामा हमले की बरसी पर कश्मीर में जैश के बड़े हमले की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी कर रखा है। इसलिए विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाते हुए नाके लगाए गए हैं।

सोमवार की सुबह पुलिस और सेना की 55 आरआर के जवानों ने पुलवामा में लित्तर के नैना बटपोरा के पास विशेष नाका लगाया था। यहां एक स्कूटी पर दो लोगों को रुकने का संकेत दिया गया। स्कूटी सवार ने नाका देख वापस मुड़ने का प्रयास किया, लेकिन विफल रहा। नाका पार्टी ने स्कूटी पर सवार दोनों युवकों को रोक उनके बैग की तलाशी ली।

ग्रेनेड, कारतूस और पिस्तौलें हुई बरामद 

बैग में ग्रेनेड, कारतूस और पिस्तौलें मिलीं। इसके बाद पुलिस ने स्कूटी को भी जब्त कर लिया। पुलिस ने आतंकियों के दोनों मददगारों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक नैना बटपोरा का रहने वाला वाहन चालक शौकत अहमद डिग्गु है और दूसरा उसका चचेरा भाई है, जो अभी नाबालिग है।

राजौरी जेल में बंद ओजीडब्ल्यू के इशारे पर कर रहे थे काम 

पूछताछ में शौकत ने बताया कि वह अपने नाबालिग चचेरे भाई संग बीते कुछ माह से जैश के लिए बतौर ओवर ग्राउंड वर्कर काम कर रहा है। वह जिला कारावास राजौरी में बंद जैश के ओवरग्राउंड वर्कर फिरदौस अहमद बट से लगातार संपर्क में था। उसने ही इस जखीरे को एक जगह से लेकर पुलवामा में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाने के लिए कहा था। इस जखीरे का इस्तेमाल 14 फरवरी और उसके बाद के दिनों में आतंकी गतिविधियों में किया जाना था।