Ladakh : आईपीएस प्रशिक्षुओं ने देखी लद्दाख में सेना की तैयारी, चुनौतियों के बीच जवानों के हौसले को किया सलाम
गलवन में चीनी सैनिकों से हिसंक भिडंत के बाद से पूर्वी लद्दाख में सेना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। गत दिनों क्षेत्र में सेना के बेड़े में जवानों गोलीबारी के बीच फौरन मोर्चे तक पहुंचाने वाले बुलैटप्रूफ क्विक रिएक्शन फोर्स व्हीकल शामिल किए हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लद्दाख में चीन, पाकिस्तान का सामना करने के लिए भारतीय सेना की तैयारियों को करीब से देखा।
लद्दाख दौरे पर पहुंचे प्रशिक्षु अधिकारियों का दल लेह के कई हिस्सों के दौरे के दौरान वहां की सुरक्षा चुनौतियों व उनका सामना करने के लिए भारतीय सेना की तैयारियां देखकर प्रभावित हुए। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने लद्दाख में सेना को आधुनिक बनाने के साथ क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में हो रहे कार्याें के बारे में भी जानकारी दी।
गलवन में चीनी सैनिकों से हिसंक भिडंत के बाद से पूर्वी लद्दाख में सेना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। गत दिनों क्षेत्र में सेना के बेड़े में जवानों गोलीबारी के बीच फौरन मोर्चे तक पहुंचाने वाले बुलैटप्रूफ, क्विक रिएक्शन फोर्स व्हीकल शामिल किए हैं। ऐसे में प्रशिक्षु अधिकारियों ने क्षेत्र के दौरे के दौरान भारतीय सेना की मजबूती को देखा। उन्हे यह भी बताया गया कि इस समय सेना के जवान सियाचिन ग्लेशियर व पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा चुनौतियों के बीच किस तरह से बुलंद हौसले के साथ काम कर रहे हैं।
प्रशिक्षु अधिकारियों को लेह में सेना की चौदह कोर के मुख्यालय में कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आनिंदयसेन गुप्ता के साथ मिलने का अवसर भी मिला। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों व भावी सुरक्षा चुनौतियों को लेकर कोर कमांडर व सेना के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श भी किया। प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारियों में से अधिकतर पहली बार लद्दाख पहुंचे थे। वे लद्दाख की खूबसूरती को देखकर भी प्रभावित हुए।
प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारियों से पहले भारतीय सेना के नेशनल डिफेंस कालेज में हायर कमान कोर्स कर रहे सशस्त्र सेना के अधिकारियों, आइएएस अधिकारियों के साथ मित्र देशों के सेना अधिकारियों ने भी लद्दाख का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने भी देखा कि लद्दाख में पिछले कुछ सालों के दौरान भारतीय सेना दुश्मन का सामना करने के लिए कितनी मजबूत हुई है।
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