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    Khelo India Winter Games में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वर्षा पुराणिक ने जीता स्वर्ण पदक, असली पेशा खेल नहीं; करती हैं ये काम

    By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Sun, 04 Feb 2024 10:28 AM (IST)

    Ladakh Khelo India Winter Games लेह के एनडीएस स्टेडियम में शनिवार को आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स में भारत की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वर्षा पुराणिक ने 17 साल से ऊपर की महिला श्रेणी के 300 मीटर शार्ट ट्रैक रेस में स्वर्ण पदक जीत लिया। कर्नाटक के पास अब तक तय किए गए पांच में से तीन स्वर्ण पदक हैं। वर्षा पेशे से एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं।

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    Khelo India Winter Games में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वर्षा पुराणिक ने जीता स्वर्ण पदक। फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। Khelo India Winter Games लेह के एनडीएस स्टेडियम में शनिवार को आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स में भारत की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वर्षा पुराणिक ने 17 साल से ऊपर की महिला श्रेणी के 300 मीटर शार्ट ट्रैक रेस में स्वर्ण पदक जीत लिया। वर्षा के कर्नाटक टीम के साथी आकाश आराध्य ने भी अपना दूसरा व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता।

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    कर्नाटक के पास तीन गोल्ड मेडल,  तालिका में टॉप पर

    कर्नाटक के पास अब तक तय किए गए पांच में से तीन स्वर्ण पदक हैं। वह समग्र पदक तालिका में सबसे आगे है। स्केटिंग में तेलंगाना ने पहला स्वर्ण पदक तब जीता, जब नयनाश्री तल्लूर ने महिलाओं के अंडर 17 शार्ट ट्रैक 300 मीटर फाइनल में जीत हासिल की। खेलों इंडिया विंटर गेम्स 2024 में मैदानी इलाकों के स्केटर्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    37 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी श्रेणी में कायम रखा दबदबा 

    अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर स्केटर्स ने रोलर स्केटर्स के रूप में शुरुआत की और फिर आइस स्केटिंग में चले गए। वर्षा पुराणिक शनिवार को आकर्षण का केंद्र थी। 2001 से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग ले रही यह 37 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी श्रेणी में दबदबा कायम रखा।

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    पेशे से एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट

    वर्षा 39.81 सेकेंड के समय के साथ शुरू से अंत तक विजेता रही। उसने कहा कि वह पेशे से एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं और स्केटिंग का जुनून है। वर्षा ने कहा, मूल रूप से वह एक रोलर स्केटर हैं, जिसके लिए उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

    कोच श्रीकांत राव के सुझाव पर उन्होंने आइस स्केटिंग शुरू की। आराध्य (54.91 सेकेंड) ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ उठाते हुए महाराष्ट्र के सुयोग तपकिर (55.27 सेकंड) को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता।

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