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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों में छापा, SIA कर रही मामले में कार्रवाई

By Jagran NewsEdited By: Versha Singh
Published: Sat, 03 Dec 2022 12:05 PM (GMT+05:30)

राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने श्रीनगर में शनिवार सुबह फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों समेत कई ठिकानों पर ...और पढ़ें

फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों में छापा
फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों में छापा

जम्मू कश्मीर। राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने श्रीनगर में शनिवार सुबह फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों समेत कई ठिकानों पर छापे मारे। इस बीच एजेंसी को कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। इस मामले की लंबे समय से जांच चल रही है।

प्रदेश जांच एजेंसी एसआइए ने शनिवार को कश्मीर घाटी में आतंकी और अलगाववादी मामलों की जांच के सिलसिले में एक हुर्रियत नेता समेत 12 लोगों के ठिकानों की तलाशी ली।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एसआइए की टीम ने सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर बरजुला श्रीनगर स्थित हुर्रियत नेता मोहम्मद अशरफ और नादिरगुंड पीरबाग में मुश्ताक अहमद वानी के मकान की तलाशी ली। दर्दहारी करालपोरा कुपवाड़ा में मोहम्मद सईद बट, आरपोरा पट्टन बारामुला में मुजफ्फर हुसैन बट के मकान की तलाश ली गई है। अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।

इससे पहले 27 नवंबर को प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) पर और शिकंजा कसते हुए अनंतनाग जिले में संस्था से जुड़ी 90 करोड़ की संपत्तियों को एसआईए ने जब्त कर लिया था। इनमें कृषि भूमि, बगीचे, शॉपिंग कांप्लेक्स, कार्यालय के साथ आवासीय ढांचे बने हुए हैं।

यह संपत्तियां जिले के 11 स्थानों पर हैं। संपत्तियों को जब्त करने का यह दूसरा मामला है। यूएपीए की धारा-8 के तहत अनंतनाग के डीसी ने एसआईए की संस्तुतियों पर इन संपत्तियों को अवैध घोषित कर दिया। इनमें एक कनाल चार मरला जमीन में दो मंजिला इमारत बनी है।

इसमें फ्लाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) का कार्यालय चल रहा है। इसके अलावा दांजीपोरा में जेईआई के नाम पर सर्वेक्षण संख्या 1299/956/496, अनंतनाग के शांगस में 12 मरला में बने दो मंजिला आवासों के साथ 16 और दस मरला जमीन जब्त की गई है।

इससे पहले भी एसआईए की टीम जिले की पांच तहसीलों में दबिश दे चुकी है। एसआईए से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आतंकी गतिविधियों को फंड उपलब्ध न हो सके, इसके लिए राजस्व दस्तावेजों में भी संशोधन करते हुए नाम हटाया जाएगा। यह कार्रवाई देश विरोधी तत्वों और टेरर नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई है ताकि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट किया जा सके।