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    बुजुर्गों की सेवा करने वालों की मदद हमेशा भगवान करते हैं, संत सम्मेलन से युवाओं को संदेश

    By Lokesh Chandra MishraEdited By:
    Updated: Mon, 21 Mar 2022 06:27 PM (IST)

    संत जोगिंदर शास्त्री महाराज ने कहा कि मौजूदा समय में इंसान इंसान से दूर होता जा रहा है और संतान अपने माता-पिता की सेवा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के युग में इंसान लोभी होता जा रहा है। वो अपने माता पिता के लिए समय नहीं निकालते।

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    शास्त्री ने कहा कि हमें ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

    आरएसपुरा, संवाद सहयोगी : देश में सुख शांति और शहीद जवानों की आत्मा कि शांति के लिए सुचेतगढ़ मार्ग स्थित शांतिकुंज आश्रम में जारी नवचंडी यज्ञ और संत सम्मेलन में चौथे दिन भी सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य के भागी बने। चौथे दिन संत योगेंद्र शास्त्री जी महाराज ने भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को अपने प्रवचनों से निहाल किया।उन्होंने प्रभु श्री कृष्ण की लीलाओं के बारे में बताया। उल्लेखनीय है कि गत 18 मार्च से शुरू हुआ संत सम्मेलन 26 मार्च को संपन्न होगा। 

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    संत जोगिंदर शास्त्री जी महाराज ने कहा कि मौजूदा समय में इंसान इंसान से दूर होता जा रहा है और संतान अपने माता-पिता की सेवा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के युग में इंसान लोभी होता जा रहा है। वो अपने माता पिता के लिए समय नहीं निकालते। यही कारण है कि उनके बच्चे भी वहीं संस्कार अपना रहे है। शास्त्री जी ने कहा कि जो बच्चे अपने माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा करते हैं, उनकी भगवान भी हमेशा मदद करते हैं। शास्त्री जी ने कहा कि हमें ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

    वही कथा के चौथे दिन सरपंच ओंकार सिंह, समाज सेवक राजेश बिल्ला, सरपंच श्याम लाल भगत ने संतों का आशीर्वाद लेने के लिए यह इस धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे। बता दें कि ऐसे संत समागम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों में सनानत संस्कृति और संस्कार के बारे में नई पीढ़ी को अवगत करना हाेता है। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाता है कि वे बच्चों में कम उम्र से ही भगवान के प्रति उन्हें जोर कर रखें। अगर बचपन से वे अपनी संस्कृति को नहीं समझ सकेंगे तो आगे समझाना मुश्कित होता है। बुजुर्गों की सेवा का महत्व भी बताना चाहिए।