'एकजुट हो जाएं नहीं तो हम सभी मिट जाएंगे', गुज्जर-बक्करवाल सम्मेलन में भाजपा पर बरसे फारूक अबदुल्ला
नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सभी मुस्लिम एकजुट व सतर्क हो जाएं। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि चुनाव आने वाले हैं। ये लोग राम के नाम पर हिंदुओं से वोट मांगेंगे। हम सभी को एकजुट होकर रहना है अन्यथा हम सभी मिट जाएंगे। नेशनल कान्फ्रेंस मुख्यालय में आयोजित गुज्जर-बक्करवाल सम्मेलन को फारूक संबोधित कर रहे थे।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला (Dr Farooq Abdullah) ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए कहा कि सभी मुस्लिम एकजुट व सतर्क हो जाएं। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि चुनाव आने वाले हैं।
उन्होंने कहा ये लोग राम के नाम पर हिंदुओं से वोट मांगेंगे। हम सभी को एकजुट होकर रहना है, अन्यथा हम सभी मिट जाएंगे। नेशनल कान्फ्रेंस मुख्यालय में आयोजित गुज्जर-बक्करवाल सम्मेलन को फारूक संबोधित कर रहे थे।
भाजपा वाले हमें हिंदुओं के सामने हमें बताते हैं पाकिस्तानी- फारूक अब्दुल्ला
उन्होंने कहा कि गुज्जर-बक्करवाल समुदाय को शिक्षित व जागरूक होना पड़ेगा। डॉ. फारूक ने कहा कि हम जब भी सत्ता में रहे बिना किसी भेदभाव के जनता के लिए काम किया। कई बार दिल्ली ने हमारी वित्तीय मदद की तो कई बार रोक दी,लेकिन हम पीछे नहीं हटे।
भाजपा वाले हिंदुओं के सामने हमें पाकिस्तानी बताते हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, अल्लाह पर भरोसा रखो। जिंदगी व मौत अल्लाह के हाथ में है जिसका ईमान पक्का होता है, वह मौत से नहीं डरता। उन्होंने गुज्जर-बक्करवाल समुदाय को भाजपा को वोट न देने के लिए कहा।
जन्नत और जहन्नुम पर कही ये बात
डॉ. फारूक ने प्रदेश के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में जो रहा है वह कहीं नहीं होता। मैंने कभी किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनते नहीं देखा। मैंने हमेशा एक केंद्र शासित प्रदेश को राज्य बनते देखा है।
उन्होंने कश्मीर के लोगों से कहा कि यह आप लोगों को तय करना है कि जन्नत चाहिए या जहन्नुम, नहीं जागे तो आपसे मेरी मुलाकात अल्लाह के पास होगी। हमने जिन लोगों को फायदा पहुंचाया आज वो ही हमारे खिलाफ हो गए हैं। पैसे के लिए ईमान बदल जाता है। दूसरी जमात के पास बहुत पैसा है, लेकिन जाना उसी खुदा के पास ही है।
यहां सारे अधिकारी हैं बाहर के
नेकांध्यक्ष ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के चलते यहां सारे अधिकारी बाहर के हैं। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अब यहां के लोग सिर्फ अल्लाह के भरोसे हैं। इस हालात को सिर्फ यहां के हिंदू, मुस्लिम, सिख ईसाई जो भी रह रहे हैं वे ही बदल सकते हैं।
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