'बेबस है जनता की चुनी सरकार, कोई भी बलिदान...'; राज्य के दर्जे को लेकर फारूक अब्दुल्ला की केंद्र सरकार से भावुक अपील
फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लोगों का विश्वास बहाल करने और विशेष दर्जा व राज्य का दर्जा ...और पढ़ें
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फारूक अब्दुल्ला की केंद्र सरकार से अपील। फोटो सोशल मीडिया
HighLights
केंद्र से जम्मू-कश्मीर के लोगों का विश्वास बहाल करने की मांग।
विशेष स्थिति और राज्य का दर्जा बहाल करने पर जोर दिया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए गंभीर और सार्थक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र को अंततः जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति बहाल करनी ही होगी और उनकी पार्टी इस मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
फारूक अब्दुल्ला ने 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को बड़ी गलती करार देते हुए कहा कि सरकार जितनी जल्दी इसे सुधार ले, उतना ही देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली का मुद्दा विधानसभा, संसद और अन्य उचित मंचों पर लगातार उठाती रहेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर के लगातार केंद्र शासित प्रदेश बने रहने पर भी सवाल उठाया।
निर्वाचित सरकार पूर्ण अधिकार से वंचित
उन्होंने कहा कि लोगों ने एक निर्वाचित सरकार को अपना जनादेश दिया है, ताकि वह क्षेत्र का शासन चलाए और जनता की समस्याओं का समाधान करे। इसके बावजूद निर्वाचित सरकार को पूर्ण अधिकारों से वंचित रखा गया है, जो लोकतांत्रिक, संवैधानिक और नैतिक सिद्धांतों के खिलाफ है।
अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर सरकार को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाना और आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का यह अर्थ नहीं है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विशेष दर्जे की बहाली की अपनी मांग छोड़ दी है।
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बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे
अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के उन संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष करती रहेगी, जो भारतीय संविधान के तहत क्षेत्र के लोगों को प्राप्त थे। उन्होंने कहा कि पार्टी इस उद्देश्य के लिए किसी भी तरह का बलिदान देने से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोगों के बीच अलगाव, निराशा और अविश्वास की भावना पैदा हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन भावनाओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
लोगों के हित में काम कर रही उमर सरकार
अब्दुल्ला ने कहा कि चुनौतियों और सीमित अधिकारों के बावजूद नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार लोगों को राहत देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आवश्यक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के विधायक नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याएं सुन रहे हैं और उनके समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
