लद्दाख के लिए सोनम वांगचुक ने अब 'कॉकरोचों' से मांगी मदद, एक दिन बाद अभिजीत दीपके ने क्या दिया जवाब?
लद्दाख के मुद्दे पर दिल्ली में हुई बैठक से निराश सोनम वांगचुक ने पदयात्रा का ऐलान किया है। उन्होंने कॉकरोच ...और पढ़ें
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सोनम वांगचुक ने अभिजीत दीपके से मांगी मदद। फाइल फोटो
HighLights
सोनम वांगचुक ने लद्दाख मुद्दे पर पदयात्रा की घोषणा की।
दिल्ली बैठक के नतीजों से वांगचुक ने निराशा जताई।
अभिजीत दीपके ने वांगचुक की पदयात्रा को समर्थन दिया।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। लद्दाख के मुद्दे पर दिल्ली में हुई बैठक को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए सोनम वांगचुक ने पदयात्रा का एलान किया। इसके लिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से समर्थन मांगा है।
अभिजीत दीपके ने एक दिन बाद सोनम वांगचुक को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि हम लद्दाख के साथ हैं। हालांकि, वह पदयात्रा में कब शामिल होंगे इसका जिक्र अभी नहीं किया है। सोनम वांगचुक पांच दिनों तक पदयात्रा करेंगे। जिसमें अभिजीत दीपके भी शामिल होंगे।
सोनम वांगचुक की क्या है अपील?
सोनम वांगचुक ने मदद के लिए लोगों से अपील की है। कहा कि हम 19 से 24 सितंबर के बीच लद्दाख में एक बड़ी पदयात्रा कर रहे हैं। हमें आपकी मदद की जरूरत है। अगर इस बीच केंद्र का आश्वासन आ जाता है तो हम इस पदयात्रा को लद्दाख के शहीदों के लिए याद रखेंगे। यदि केंद्र की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है तो हम एक बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
लद्दाख मुद्दे पर दिल्ली बैठक में क्या निकला?
बता दें कि हाल ही में गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी के साथ लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की बैठक हुई। इस बैठक को लेकर पर्यावरणविद् सोनम वांगुचक ने निराशा जाहिर की थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो शेयर कर पदयात्रा का एलान किया था।
अपने वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हेलो दोस्तों... कॉकरोचों... मैं इस समय दिल्ली में हूं। यह वही जगह है जहां (जंतर-मंतर) हमने भूखे रहकर कई हफ्ते गुजारे। हम यहां लद्दाख के मुद्दों को लेकर गृह मंत्रालय के साथ बैठ करने आए थे। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
Stand with Ladakh! https://t.co/6buspllZtf
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 12, 2026
क्या है सोनम वांगचुक की मांगें?
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख की कई मांगें हैं, लोकतांत्रिक ढांचा बनाया जाए। विधानसभा का गठन हो ताकि स्थानीय लोग फैसले ले सके। भूमि-पर्यावरण आदि को लेकर यहां के लोग स्वतंत्र फैसले ले सके। कहा कि जब तक लद्दाख में एक लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन कोई ऐसा फैसला न ले जिससे लद्दाख की सूरत बदल जाए।
