विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लद्दाख हिंसा के पीड़ितों को बड़ी राहत, मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख का मुआवजा; LG ने अमित शाह का जताया आभार

Published: Sun, 13 Sep 2026 09:08 PM (IST)

लद्दाख प्रशासन ने पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा में जान गंवाने वाले चार लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है।

लद्दाख हिंसा के मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख का मुआवजा, एलजी ने किया एलान। फोटो जागरण

लद्दाख हिंसा के मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख का मुआवजा, एलजी ने किया एलान। फोटो जागरण

HighLights

  1. लद्दाख हिंसा में मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये।

  2. गंभीर घायलों को 3 लाख, मामूली घायलों को 1 लाख।

  3. प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख प्रशासन ने पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा में जान गंवाने वाले चार लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने को मंजूरी दी है। यह फैसला त्रासदी से प्रभावित परिवारों को लगातार सहयोग प्रदान करने के प्रशासन के प्रयासों के तहत लिया गया है।

प्रशासन ने हिंसा में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 3 लाख रुपये और मामूली चोटों से प्रभावित लोगों के लिए एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी स्वीकृत की है। लद्दाख प्रशासन के अनुसार, यह सहायता हिंसा में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने और उन्हें इस त्रासदी के बाद की परिस्थितियों से उबरने में मदद करने के उद्देश्य से दी जा रही है।

एलजी ने अमित शाह का जताया आभार

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनके संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण तथा पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ एकजुटता जताने के लिए उनकी सराहना की।

यह भी पढ़ें- 4 बड़ी मांगें और केंद्र की मजबूरी... क्या चाहता है लद्दाख? सोनम वांगचुक के अनशन से दिल्ली बैठक तक की पूरी इनसाइड स्टोरी

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता न तो खोई हुई जान की भरपाई कर सकती है और न ही प्रभावित परिवारों के दर्द को मिटा सकती है। हालांकि, प्रशासन इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके पुनर्वास तथा इस त्रासदी से उबरने की प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रशासन के अनुसार मुआवजे का उद्देश्य मृतकों के परिवारों और हिंसा में घायल हुए लोगों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही, यह कदम प्रभावित लोगों के प्रति प्रशासन की निरंतर संवेदनशीलता और सहयोग को भी दर्शाता है।

यह भी पढ़ें- लद्दाख के लिए सोनम वांगचुक ने अब 'कॉकरोचों' से मांगी मदद, एक दिन बाद अभिजीत दीपके ने क्या दिया जवाब?