Farooq Abdullah: '10 वर्षों में दर्द और कठिनाई के अलावा कुछ नहीं मिला', फारूक अब्दुल्ला ने सीमांकन को बताया विनाशकारी
एक दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन में डोडा पहुंचे डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सीमांकन को विनाशकारी बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आबादी को धार्मिक और क्षेत्रीय आधार पर बांटना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बीते 10 सालों में दर्द और कठिनाई के अलावा कुछ नहीं सहा है। इस सम्मेलन पार्टी में जमीनी स्तर मजबूत करने और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाई गई।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने पिछले दस वर्षों में दर्द और कठिनाई के अलावा कुछ नहीं सहा है। विधानसभा सीटों और संसदीय क्षेत्रों के मनमाने सीमांकन को विनाशकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आबादी को धार्मिक और क्षेत्रीय आधार पर विभाजित करना है।
10 वर्षों में लोगों की दर्द और कठिनाइयां बढ़ी- फारूक अब्दुल्ला
डॉ. फारूक मंगलवार को डोडा में एक दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन पार्टी को जमीनी स्तर मजबूत करने और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाने के लिए किया गया। जम्मू-कश्मीर के जागरुक लोगों को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दस वर्ष में जम्मू-कश्मीर के हितों को कमजोर करने के लिए बनाई गई योजनाओं से लोग असुरक्षित हो गए। आज प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभाने का वक्त है।
आर्टिकल 370 व 35ए को निरस्त करने से बढ़ी चुनौतियां- फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कान्फ्रेंस प्रमुख ने क्षेत्र में उच्च शिक्षित युवाओं के बीच भूमि, नौकरी के अवसरों की कमी और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की व्यापकता पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने से लोगों के सामने आने वाली चुनौतियां और बढ़ गईं, जिससे शिक्षित युवाओं में व्यापक असंतोष पैदा हुआ। उन्होंने पदाधिकारियों से विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ संकल्प के साथ एकजुटता से खड़े रहने को कहा।
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पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर हुई चर्चा
सम्मेलन का आयोजन पार्टी के वरिष्ठ नेता खालिद नजीब सोहरवर्दी करवाया था। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष जम्मू रतन लाल गुप्ता, जिला अध्यक्ष सज्जाद शाहीन, प्रांतीय अध्यक्ष जम्मू एजाज जान सहित अन्य उपस्थित थे। सम्मेलन में पार्टी की जमीनी स्तर पर उपस्थिति को मजबूत करने और लोगों की जरूरतों को संबोधित करने के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा करना था। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने डोडा के लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में एकता और सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
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