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'असीम मुनीर फ्रॉड, पाकिस्तान को मिलना चाहिए झूठ बोलने का नोबेल'; जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP शहबाज शरीफ पर भड़के

Published: Sat, 27 Sep 2025 01:19 PM (IST)Updated: Sat, 27 Sep 2025 02:21 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज शरीफ के भाषण की आलोचना करते हुए कहा ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ (File Photo)
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ (File Photo)

डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने 80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार का हकदार है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वैद ने अपने ही नागरिकों पर बमबारी करने के लिए पाकिस्तान के सशस्त्र बलों और सरकार का मजाक उड़ाया।

अगर कोई एक देश झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार का हकदार है, तो वह पाकिस्तान है। चाहे वह शहबाज शरीफ हों या धोखेबाज मार्शल असीम मुनीर। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी पहले नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए... शहबाज शरीफ को मेरा जवाब यह है कि पहले आप ख़ैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार बंद करें। भारत अपने ही लोगों पर बमबारी नहीं करता। यह पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएँ हैं, आपके और असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सरकार, जो अपने ही नागरिकों पर बमबारी करती है। -एसपी वैद, पूर्व डीजीपी

इस बीच, भारत ने शरीफ के संबोधन का तीखा खंडन करते हुए उन पर "बेतुका नाटक" करने और आतंकवाद का महिमामंडन करने का आरोप लगाया और मई में हुए तनाव में उनकी जीत के दावे का मजाक उड़ाया।

क्या बोले पेटल गहलोत?

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव, पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने देश में हवाई अड्डों के विनाश को अपनी जीत के रूप में पेश करने की कोशिश की है। अपने बयान को खारिज करते हुए, प्रथम सचिव ने इस्लामाबाद पर आतंकवादियों को बचाने और आतंकवाद के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को छिपाने के लिए बेतुके आख्यान गढ़ने का आरोप लगाया।

पहले सचिव ने मई में हुए संघर्ष के शरीफ के चित्रण को भी खारिज किया और कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की धमकियां 10 मई को भारतीय सेना द्वारा कई पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर बमबारी के बाद ही बंद हुईं।

(समाचार एजेंसी एएनआई के साथ)