श्रीनगर, जेएनएन : कश्मीर में आतंकवाद को भड़काने के लिए पाकिस्तान बार-बार प्रयास करता है परंतु उन्हें हर बार भारतीय सुरक्षाबलों के आगे मुंह की खानी पड़ती है। ऐसा ही एक प्रयास आज वीरवार को भी किया गया। जिला कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा से सटे गांव जुमागुंड से पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को सेना ने एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि मारे गए तीनों लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी स्थानीय नहीं बल्कि पाकिस्तानी नागरिक हैं।

कश्मीर में दो दिनों में हुई मुठभेड़ों में छह आतंकी मारे जा चुके हैं। आज कुपवाड़ा मारे गए लश्कर के तीन व गत बुधवार को बारामुला मुठभेड़ में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के तीनों आतंकी भी पाकिस्तान के रहने वाले थे। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि कश्मीर में अभी तक 26 विदेशी आतंकी मारे गए हैं जिनमें 14 जैश-ए-मोहम्मद जबकि 12 लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित थे। बारामुला मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान भी बलिदान हुआ था।

मारे गए आतंकवादियों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है परंतु मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार-गोलाबारूद व आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। आइजी कश्मीर विजय कुमार ने तीनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि घुसपैठ के तुरंत बाद इन आतंकियों का मारा जाना बड़ी सफलता है। उन्होंने सेना व पुलिस को इसकी बधाई भी दी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये आतंकी रात को नियंत्रण रेखा से सटे जुमागुंड गांव से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर आए थे। गांव के कुछ लोगों ने जब गांव के बाहर संदिग्ध गतिविधि देखी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने भी बिना समय गवाएं सेना के जवानों के साथ आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी। एक जगह आतंकवादियों व सुरक्षाबलों का आमने सामने मुकाबला शुरू हो गया। दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को हथियार डालने के लिए कहा परंतु उन्होंने गोलीबारी का सिलसिला जारी रखा।

इस बीच सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकवादियों की घेराबंदी की ओर एक के बाद एक तीनों को मार गिराया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ये आतंकी पाकिस्तान से हथियारों का प्रशिक्षण लेकर कश्मीर में आतंकी वारदातों में तेजी लाने के लिए आए थे। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि तीनों आतंकियों की पहचान की जा रही है।

आपको बता दें कि गत बुधवार को श्रीनगर में आत्मघाती हमला करने जा रहे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने श्रीनगर-बारामुला राष्ट्रीय राजमार्ग के पास करीरी क्षेत्र में 15 मिनट तक चली मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तानी थे। इस दौरान पुलिस का एक जवान भी बलिदानी हो गया। सूत्रों के अनुसार, मठभेड़ के दौरान आतंकियों का एक साथी भाग निकला है, जिसकी तलाश की जा रही है।

वहीं, बलिदान हुए पुलिसकर्मी ने पिछले दिनों बारामुला में शराब की दुकान पर हुए आतंकी हमले की गुत्थी सुलझाने व आतंकियों को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा भी वह कई आपरेशन में शामिल रहा है। बता दें कि कश्मीर में इस साल अब तक विभिन्न मुठभेड़ में मारे गए 70 आतंकियों में 22 पाकिस्तानी आतंकी हैं।

सुबह करीब 10.30 बजे पुलिस और सेना के संयुक्त कार्यदल ने उत्तरी कश्मीर में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद सड़क पर करीरी के निकट नाजीबट चौराहे पर नाका लगाया था। इस दौरान वहां से सिल्वर रंग की कार में आतंकियों का एक दल गुजरने लगा। आतंकियों को लगा कि वे पूरी तरह फंस गए हैं और उन्होंने नाका पार्टी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। नाका पार्टी ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब 15 मिनट तक गोलियां चलीं। इस दौरान एक पुलिसकर्मी मुदस्सिर अहमद गंभीर रूप से जख्मी हो गया। गोलीबारी बंद होने के बाद जवानों ने मुठभेड़स्थल की तलाशी ली। उन्हें वहां गोलियों से छलनी तीन आतंकियों के शव मिले। इस बीच, घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल ले जाया गया,जहां डाक्टरों ने उसे बलिदानी करार दे दिया। बताया जा रहा है कि कार में आतंकियों का एक साथी और था। वह उनका गाइड या ओवरग्राउंड वर्कर हो सकता है। वह मुठभेड़ के दौरान भाग निकला। कार के मालिक को भी चिन्हित किया गया है और उसे पकडऩे के लिए दबिश दी जा रही है।

गुलमर्ग-कुंजर इलाके में तीन माह से सक्रिय थे : पुलिस महानिरीक्षक (आइजीपी) कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि ये तीनों आतंकी बड़े हमले की साजिश को अंजाम देने के लिए श्रीनगर की तरफ आ रहे थे। मारे गए आतंकी बीते तीन माह से गुलमर्ग-कुंजर इलाके में घूम रहे थे। सुरक्षाबल लगातार इनका पीछा कर रहे थे।

मारे गए आतंकियों से बरामद हथियार : तीन एसाल्ट राइफलें, 15 एके मैगजीन, 344 कारतूस, पांच ग्रेनेड, तीन आइईडी, अत्याधुनिक संचार उपकरण व अन्य साजो सामान।

आतंकियों की पहचान हुई : आइजीपी विजय कुमार के मुताबिक, मारे गए पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान अली भाई, हनीफ भाई और शाह वली के रूप में हुई है। तीनों आतंकियों के शवों को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के पास दफनाया गया है।

Edited By: Rahul Sharma