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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Earthquake In Ladakh: लद्दाख में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता

By Jagran NewsEdited By: Vikas Abrol
Published: Tue, 22 Nov 2022 08:11 PM (IST)

जम्मू विवि में जियोलॉजी विभाग में प्रो. एसके पंडिता का कहना है कि पूरा जम्मू कश्मीर व लद्दाख भूकंप के ...और पढ़ें

लद्दाख में आज मंगलवार सुबह 10.05 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 थी।
लद्दाख में आज मंगलवार सुबह 10.05 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 थी।

जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भूकंप के झटके महसूस किए गए। लद्दाख में आज मंगलवार सुबह 10.05 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 थी। इसका केंद्र कारगिल के उत्तर में 191 किलोमीटर दूर था और गहराई दस किलोमीटर थी। चूंकि भूकंप का केंद्र काफी दूर था इसलिए जानमाल के किसी नुकसान की सूचना नहीं है। लोगों को जब हल्के झटके महसूस हुए तो अपने घरों से बाहर आ गए।

जम्मू विवि में जियोलॉजी विभाग में प्रो. एसके पंडिता का कहना है कि पूरा जम्मू कश्मीर व लद्दाख भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर तो भूकंप के आने की संभावना हमेशा ही बनी रहती है। लद्दाख हिमालयन क्षेत्र में आता है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 

नशे पर रोक लगाना जरूरी

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रही नशे की समस्या पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाना समय की जरूरत है। गत दिवस कश्मीर के मंडलायुक्त ने दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी कर बिना डाक्टर की सलाह और पर्ची के दवा न देने और दुकानों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश जारी किए।

यह सही है कि पहले भी ड्रग कंट्रोल विभाग ने इस तरह के दिशा निर्देश जारी किए हैं लेकिन इनको लागू करवाने में कभी भी गंभीरता नजर नहीं आई। यह बात किसी से नहीं छिपी है कि बहुत से युवा नशे के लिए दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी प्रचलन कम होने के स्थान पर बढ़ा है। ट्रामाडोल, ब्यूप्रेनॉर्फिन, टेपेंटाडोल, कोडीन, मिथाइलफेनिडेट जैसी कई दवाइयों को नशे के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ दवा विक्रेताओं के पास ही नहीं बल्कि कुछ नशामुक्ति केंद्रों पर भी ब्यूप्रेनॉर्फिन दवा बेचने के आरोप लगे थे। यह सही है कि ड्रग कंट्रोल विभाग ने इसके बाद छापे मारे और कुछ को जुर्माना भी किया था लेकिन इससे यह साफ है कि जरा से मुनाफे के लिए नियमों को ताक पर रख दवा बेचने के लिए भी कई तैयार हो जाते हैं।