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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amarnath Yatra 2022 : सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए खुफिया तंत्र-अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का करें इस्तेमाल

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Thu, 26 May 2022 11:14 AM (IST)

आइजीपी विजय कुमार ने आज पुलिस नियंत्रण कक्ष कश्मीर में आइजी सीआरपीएफ मविंद्र सिंह भाटिया की मौजूदगी में सीआरपीएफ बीएसएफ ...और पढ़ें

आतंकरोधी अभियानों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।(File Photo)
आतंकरोधी अभियानों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।(File Photo)

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने पुलिस अधिकारियों को श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के यात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा काे सुनिश्चित बनाने में खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करने और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का भी समुचित प्रयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नाका और अस्थायी चौकी स्थापित करने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों को यथाशीघ्र चिन्हित किया जाए। उन्होंने उन इलाकों को भी चिन्हित करने का आदेश दिया,जहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आइजीपी विजय कुमार ने आज पुलिस नियंत्रण कक्ष कश्मीर में आइजी सीआरपीएफ मविंद्र सिंह भाटिया की मौजूदगी में सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और पुलिस के संबधित अधिकारियों की एक बैठक में श्री अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा-2022 के लिए किए जा रहे सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। बेठक में उन्हाेंने सभी सुरक्षा एजेंसियाें में व्यापक तालमेल बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने, यात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं के शीविरों की सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त करने और यात्रा माग्र के आस पास सक्रिय आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ अपने आतंकरोधी अभियानों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की अवकाश पर रोक लगाई : पुलिस ने कश्मीर में अगले आदेश तक जम्मू कश्मीर सशस्त्र पुलिस बल (जेकेएपी) और भारतीय रिजर्व पुलिस (आइआरपी) के अधिकारियों व कर्मियों के अवकाश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अधिकारिक तौर पर इस आदेश की किसी भी अधिकारी ने पुष्टि नहींं की है। इसके अलावा वादी के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा को भी बंद किया गया है।

यासीन को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद से ही कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए वादी में प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। अफवाहों पर काबू पाने के लिए श्रीनगर में मैसूमा व लालचौक के अलावा डाउन-टाउन में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां, बड़गाम, गांदरबल और कुपवाड़ा में कुछ जगहों पर इंटरनेट सेवा को एहितयात के तौर पर बंद किया है या फिर उसकी गति को कम किया है। प्रशासन ने वादी में जेकेएपी और आइआरपी की सभी वाहिनियों के कमानाधिकारियों को सूचित किया है कि अगले आदेश तक अधिकारियों व जवानों के अवकाश पर रोक लगा दी है।

पुलिस प्रशासन ने कोई आदेश जारी नहीं किया था और न कोई अधिकारी पुष्टि कर रहा था। इंटरनेट मीडिया पर सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को जारी वायरलेस संदेश की प्रति वायरल हो रही थी। अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जेकेएपी और आइआरपी के अधिकारियों व जवानों के अवकाश पर रोक लगाने से इन्कार नहीं किया जा सकता। कानून व्यवस्था की ड्यूटी से लेकर आतंकरोधी अभियानों में भी जेकेएपी और आइआरपी के जवान सक्रिय भूमिका निभाते हैं।