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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu Ring Road: जम्मू रिंग रोड का पहला चरण पूरा, डॉ जितेंद्र सिंह, उपराज्यपाल ने लोगों को किया समर्पित

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Fri, 21 Aug 2020 02:34 PM (IST)

प्रोजेक्टर डॉयरेक्टर ने बताया कि दूसरा चरण राया मोड़ से चक अवतारां के बीच तैयार हो रहा है। जहां तक ...और पढ़ें

Jammu Ring Road: जम्मू रिंग रोड का पहला चरण पूरा, डॉ जितेंद्र सिंह, उपराज्यपाल ने लोगों को किया समर्पित
Jammu Ring Road: जम्मू रिंग रोड का पहला चरण पूरा, डॉ जितेंद्र सिंह, उपराज्यपाल ने लोगों को किया समर्पित

जम्मू, जागरण संवाददाता। जो लोग कहते हैं कि जम्मू की तुलना कश्मीर में अधिक विकास हो रहे हैं, तो मैं उन्हें यह बताना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है। कश्मीर के साथ-साथ जम्मू संभाग में भी काम हो रहे हैं। केंद्र सरकार प्रदेश के दोनों प्रांतों के बराबर विकास में यकीन रखती है।

यह बात प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज सुबह अखनूर से भलवाल तक तैयार रिंग रोड के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कही।सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जम्मू रिंग रोड का पहला आज चरण पूरा हो गया। डाॅ. जितेंद्र सिंह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह रोड लोगों को समर्पित किया।डॉ. सिंह ने कहा कि रिंग रोड से सीमांत इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा। इससे लोगों का सफर सुखद और आरामदायक हो जाएगा।वाहनों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण में भी काफी हद तक कमी आएगी।

इस बीच उन्होंने कश्मीर डिवीजन में अधिक विकास कार्यों की अटकलों को नजरंदाज करते हुए कहा कि दोनों प्रांतों में विकास की गति बराबर से जारी है। ये कार्य लोगों के हित के लिए करवाए जा रहे हैं और अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सभी प्रोजेक्ट निर्धारित समयावधि में पूरा करें। सिंह ने रिंग रोड के पहले चरण को पूरा करने पर प्रोजेक्टर डॉयरेक्टर अजय कुमार रजत को मुबारकबाद भी दी।

वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी भी देश व क्षेत्र का विकास वहां की सड़कों की कनेक्टिविटी पर निर्भर करता है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि बेहतर सड़कों के कारण ही आज वह विकासशील है।इसी तर्ज पर भारत में भी बेहतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है जिससे हमारा देश भी विकास की ओर अग्रसर हो।उपराज्यपाल ने बताया कि करीब 60 किलोमीटर लंबा रिंग रोड जम्मू के अंतरर्राष्ट्रीय सीमा से होकर गुजरता है।इस महत्वाकांक्षी योजना से जम्मू के बार्डर क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को काफी लाभ पहुंचेगा। इस मार्ग से उन्हें जम्मू शहर तक पहुंचने में आसानी हो जाएगी।नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से निर्माणाधीन रिंग रोड का अभी काम जारी है। सांबा जिले के राया मोड़ से शुरू हुआ जम्मू रिंग रोड, बिशनाह, निक्की तवी अखनूर, कोटभलवाल और जगटी होते हुए जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 1-ए से जुड़ जाएगा।

नेशनल हाइवे अर्थाटी के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर अजय कुमार रजत ने बताया कि रिंग रोड का चरणवद्ध तरीके से निर्माण किया जा रहा है।अभी पहले चरण का काम पूरा हुआ है परंतु इसका लाभ अखनूर के करीब 8 गांवों के लोगों को होगा। इनमें गांव कोट, भलवाल, कंगर, कंगरेल, देयारन, देरवां, मरझाली और मिश्रीवाला आदि शामिल हैं। चार लेन वाले रिंग रोड को कंगरेल और कोट गांवों से भी जोड़ा गया है। प्रोजेक्टर डॉयरेक्टर ने बताया कि दूसरा चरण राया मोड़ से चक अवतारां के बीच तैयार हो रहा है। जहां तक पूरे प्रोजेक्ट की बात है तो इसे 2021 तक लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा।

आपको जानकारी हो कि पाकिस्तानी गोलाबारी के दौरान ग्रामीण आसानी से इस रिंग रोड होते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकेंगे।पाकिस्तानी गोलाबारी के दौरान घायलों को पारंपरिक सड़क मार्ग से अस्पताल तक पहुंचाने में काफी समय लगता था। अब आसानी हो जाएगी। बार्डर पर तैनात बीएसएफ जवानों को भी इस रोड का लाभ मिलेगा। रिंग रोड के जरिए अब वे भी चौकियों तक रसद व अन्य सामग्री आसानी से पहुंचा पाएंगे।बार्डर इलाकों में रहने वाले करीब एक लाख से अधिक ग्रामीणों को रिंग रोड का लाभ होगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 2023.87 करोड़ रूपये की लागत आने की संभावना है। अभी तक कुल रिंग रोड का 30 फीसद काम ही पूरा हुआ है। इस मौके पर जम्मू-पुंछ के सांसद जुगल किशोर शर्मा भी मौजूद थे।