Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर में आम लोगों के जीवन को आसान बना रही डिजीटल सेवाएं, प्रदेश विकास की नई उंचाइयां छू रहा

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Wed, 27 Jul 2022 07:19 AM (IST)

    Digitalization in Jammu Kashmir भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में भी काम हो रहा है। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का मोबाइल एप्लिकेशन ‘सतर्क नागरिक‘ और विभागीय सतर्कता अधिकारी पोर्टल सरकारी अधिकारियों के कामकाज की निगरानी करने में काम आ रहे हैं।

    Hero Image
    मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भ्रष्टाचार के बारे में सूचनाएं मिल रही हैं। इन पर कार्रवाई हो रही है।

    जम्मू, राज्य ब्यूरो : केंद्र शाति प्रदेश में प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए शुरू की गई डिजीटल सेवाएं आम लोगों के जीवन को आसान बना रही हैं। अगस्त 2019 के बाद से प्रदेश विकास की नई उंचाइयां छू रहा है। प्रशासन के कामकाज की लोगों द्वारा निगरानी करने में सरकार द्वारा शुरू की गई सेवा, बजट एस्टीमेशन व एलोकेशन मानीटरिंग सिस्टम व्यवस्था को बेहतर बना रही है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    डिजीटल माध्यम से बिलों को आननलाइन जमा करना, अनिवार्य प्रशासनिक अनुमोदन, तकनीकी मंजूरी और ई-निविदा, डिजिटल भुगतान आदि वित्तीय अनुशान को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार ने बैक टू विलेज, डिस्ट्रिक्ट कैपेक्स, यूटी कैपेक्स और जेकेआईडीएफसी के तहत पूरी की गई परियोजनाओं की पहुंच में ला दिया है।

    वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में भी काम हो रहा है। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का मोबाइल एप्लिकेशन ‘सतर्क नागरिक‘ और विभागीय सतर्कता अधिकारी पोर्टल सरकारी अधिकारियों के कामकाज की निगरानी करने में काम आ रहे हैं। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भ्रष्टाचार के बारे में सूचनाएं मिल रही हैं। इन पर कार्रवाई हो रही है।

    एंड्रॉइड आधारित डिवाइस रखने वाला कोई भी नागरिक प्ले स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकता है। शिकायत के पंजीकरण के समय एक विशिष्ट आईडी नंबर आवंटित किया जाता है, जिसे बाद में शिकायत की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

    जमीन के रिकार्ड को पारदर्शी बनाने के लिए आपकी जमीन आपकी निगरानी, एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप प्रयास है। पहले नागरिकों को अपने राजस्व रिकार्ड के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। निगरानी करने के लिए कोई तंत्र उपलब्ध नहीं था। इससे पक्षपात, लालफीता शाही और भ्रष्टाचार को शह मिली। अब पारदर्शिता और जवाबदेही को बल दिया जा रहा है। राजस्व विभाग ने किसानों का कानूनी भूमि संपत्ति की जानकारी वाले पासबुक जारी किए हैं।