कटड़ा, जेएनएन : नववर्ष पर माता वैष्णो देवी भवन पर श्रद्धालुओं की संख्या देर रात तक काफी बढ़ गई। माता के भवन से लेकर यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। भीड़ इतनी थी कि दर्शन कर वापस लौट रहे श्रद्धालु भी आसानी से गुजर नहीं पा रहे थे। भीड़-भाड़ के बीच दो गुटों में कहा-सुनी हुई और बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इसी दौरान भगदड़ मची और भवन मार्ग पर चीखों-पुकार मच गई। जब मामला शांत हुआ और श्रद्धालुओं की भीड़ छटी तो यात्रा मार्ग पर कई श्रद्धालु खून से लथपथ पड़े हुए थे। कई दर्द से छटपटा रहे थे। 

हादसे के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली से आई एक श्रद्धालु अनिता ने बताया कि रात को भवन पर एकाएक भीड़ बढ़ गई थी। पांव रखने तक की जगह नहीं थी। कई लोग तो शेड के पोल पर चढ़े हुए थे। भगदड़ की शुरूआत कैसे हुई इस बारे में तो उन्हें पता नहीं परंतु लोग अचानक से भागना शुरू हो गए। शुक्र यह था कि वह और उनका परिवार काफी पीछे था। भगदड़ के बाद वहां लोगों की चीख-पुकार शुरू हो गई। हम सभी भी सुरक्षित जगह तक पहुंच गए।

वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ को काबू नहीं कर पा रहे थे। भगदड़ थमने के कुछ ही देर बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कर्मचारी, पुलिस व सीआरपीएफ के जवान बचाव के लिए मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर गिरे श्रद्धालुओं को उठाया, एम्बुलेंस में रखा और नीचे कटड़ा कस्बे की ओर ले गए। बचाव अभियान जारी रहने तक यात्रा को बंद कर दिया गया था।

Edited By: Rahul Sharma