जम्मू, जेएनएफ : चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट जम्मू अमरजीत सिंह ने भलवाल तहसील के चक भलवाल गांव में 152 कनाल 16 मरला सरकारी जमीन खाली करवाने के आदेश पर स्टे लगाने की मांग खारिज कर दी है। इस मांग को लेकर अब्दुल माजिद ने याचिका दायर की थी। अब्दुल माजिद के मुताबिक उसके पास 1997-98 से पहले का इस सरकारी जमीन पर कब्जा है। पहले यह जमीन उसके पूर्वजों के पास थी और उनके निधन के बाद वह इस जमीन पर खेती करने लगा।

फरवरी 2007 में रोशनी एक्ट के तहत उसने जमीन का मालिकाना अधिकार हासिल किया लेकिन नौ अक्टूबर 2020 को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने रोशनी एक्ट को खारिज करते हुए इसके तहत दी गई जमीनों को खाली करवाने का आदेश दिया। अब्दुल माजिद ने इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जो विचाराधीन है। अब्दुल माजिद ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी जम्मू-कश्मीर सरकार का निर्देश दिए है कि रोशनी एक्ट के तहत जिन लोगों ने जमीन का मालिकाना अधिकार हासिल किया है, उन्हें मामले के निपटारे तक न छेड़ा जाए।

याची ने कहा कि इस आदेश के बावजूद 14 अप्रैल 2021 को राजस्व विभाग के अधिकारी जबरन उसकी जमीन में घुसे और उसकी अनुपस्थिति में जमीन की निशानदेही की। इसके चलते उसे मौजूदा याचिका दायर करनी पड़ी। सीजेएम ने मामले पर गौर करने के बाद पाया कि याची के पास उक्त जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने जमीन खाली करवाने के स्पष्ट निर्देश दिए है और रोशनी एक्ट के सभी मामलों में हाईकोर्ट का डिवीजन बेंच सुनवाई कर रहा है, लिहाजा इस मामले में याची को कोई राहत नहीं दी जा सकती।