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Ghulam Nabi Azad का जागा कांग्रेस प्रेम, कहा- कांग्रेस ही कर सकती है भाजपा का मुकाबला

आजाद ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब को प्रभावी तरीके से नहीं चला सकती। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा की चुनौती का मुकाबला कर सकती है क्योंकि कांग्रेस की समावेशी नीतियां हैं।

By Jagran NewsEdited By: Lokesh Chandra MishraSun, 06 Nov 2022 08:28 PM (IST)
आजाद ने कहा- कांग्रेस से अलग हो गया हूं, लेकिन कभी कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की नीतियों के खिलाफ नहीं रहा।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : राजनीति के धुरंधर गुलाम नबी आजाद का अभी तक कांग्रेस प्रेम कम नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ कर अपनी नई पार्टी भी बना ली है।रविवार को आजाद के सियासी सुर पूरी तरह से बदले नजर आए। डोडा में उन्होंने कहा- कांग्रेस ही भाजपा का मुकाबला करने में सक्षम है। मैं अब भी चाहता हूं कि कांग्रेस हिमाचल और गुजरात में विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करे। उन्होंने भाजपा पर कोई निशाना नहीं साधा।

कांग्रेस में 45 साल से अधिक का समय बिताने को वह भूला नहीं पा रहे हैं। एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा तो कांग्रेस की नीतियों की तारीफ की। बता दें कि 26 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ दिन बाद 73 वर्षीय आजाद ने डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी का गठन किया था।

पार्टी की गतिविधियों को तेजी देने के लिए जम्मू कश्मीर के 10 दिवसीय दौरे पर आजाद इस समय डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों के दौरे पर हैं। वह कई प्रतिनिधिमंडलों से भी मिले। आजाद ने गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनावों तक जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की पार्टी है। आप पंजाब को प्रभावी तरीके से नहीं चला सकती सिर्फ कांग्रेस ही गुजरात और हिमाचल में भाजपा की चुनौती का मुकाबला कर सकती है। कांग्रेस की समावेशी नीतियां हैं।

आजाद ने कहा कि हालांकि मैं कांग्रेस से अलग हो गया हूं, लेकिन मैं कभी भी कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की नीतियों के खिलाफ नहीं रहा। चाहे मैं कांग्रेस में नहीं हूं, लेकिन कांग्रेस की नीतियां अच्छी हैं। सबको साथ लेकर चलने की नीतियां हैं। पार्टी वही है जो सबको साथ लेकर चले। कांग्रेस पार्टी कमजोर हो रही थी। हमारी बात को सुना नहीं जा रहा था। 20 राज्यों से दो राज्यों में कांग्रेस पहुंच गई। पार्टी चलाने का सिस्टम गलत था। आजाद ने भूली बिसरी यादें समेटने के बाद कहा कि हिमाचल में कांग्रेस अच्छा करेगी तो बहुत अच्छी बात है। आम आदमी पार्टी के बस का काम नहीं है। आम आदमी पार्टी को लोग वोट देकर पंजाब में पछता रहे हैं। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में बेहतर करें।

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को उठाया

आजाद ने कहा कि मैंने संसद में कई बार जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को उठाया है। हमारी मांग है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाए। अनुच्छेद 370 को पहले हटाना ही नहीं चाहिए था। यह किसी के खिलाफ नहीं था। यह हमारे संविधान का हिस्सा था। यह अवाम के हित में था। अगर हटाया तो फिर राज्य का दर्जा खत्म करने की कोई तुक ही नहीं थी। मुझे लगता है कि सरकार को राज्य का दर्जा हटाकर गलती का अहसास हुआ है। उससे हमारे जम्मू के लोगों को भी फायदा होगा।

करीबियों को पता नहीं

आजाद के साथ मौजूद रहे नेताओं को इसकी जानकारी नहीं मिली कि आजाद ने कांग्रेस की नीतियों की प्रशंसा की है। उनके साथ चल रहे आजाद के करीबी जीएम सरूरी ने कहा कि आजाद ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना है। कांग्रेस पर दिए बयान की उनको जानकारी नहीं है। आजाद ने रतले प्रोजेक्ट में हुए भूस्खलन में गत दिनों मारे गए लोगों के परिवारों के घर जाकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। वह आज किश्तवाड़ के दब्रशाला व अन्य इलाकों में गए। उन्होंने डोडा व ठाठरी में कई प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। वह वर्षा के कारण आज जनसभा नहीं कर पाए। आजाद 31 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे थे।

पहले आजाद ने क्या कहा था

कांग्रेस से आजाद होने के बाद गुलाम नबी आजाद का कांग्रेस के प्रति जो रुख था वह, किसी से छिपा नहीं है। पार्टी छोड़ते समय आजाद ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जो चिट्टी लिखी थी, उसमें पार्टी की अनेक खामियां उजागर की थी। उन्होंने यहां तक लिखा था कि कांग्रेस आज उस स्थिति पर पहुंच गई है, जहां से वापसी नहीं हो सकती है। लेकिन अब आजाद का रुख कांग्रेस के प्रति नरम दिख रहा है।

आगामी विस चुनाव के लिए चल रही तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए जम्मू कश्मीर में सभी पार्टियों की गतिविधियां इन दिनों तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस के अलावा स्थानीय पार्टी नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, आम आदमी पार्टी भी काफी सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में गुलाम नबी आजाद भी अपनी नई पार्टी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार सभा कर रहे हैं। पिछले दिनों भी वह चिनाब घार्टी क्षेत्र में कई सभाएं करते हुए कश्मीर तक पहुंचे थे। वह अपने कैडर को मजबूत करने के अभियान में जुटे हैंं।