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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chenab Bridge: पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा विश्व का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज, एफिल टावर से भी ज्यादा है हाइट

By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
Published: Sun, 01 Oct 2023 06:45 AM (IST)

मुख्य सचिव ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इंजीनियरिंग स्टाफ की सराहना ...और पढ़ें

विश्व का सबसे ऊंचा स्टील आर्च रेल ब्रिज पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा (फाइल फोटो)
विश्व का सबसे ऊंचा स्टील आर्च रेल ब्रिज पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने किया दौरा
  2. इसका काम जल्दी ही पूरा होने वाला है

राज्य ब्यूरो, जम्मू: मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने शनिवार को उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ रियासी जिले में ज्योतिपुरम के पास विश्व के सबसे ऊंचे स्टील आर्च रेल ब्रिज स्थल का दौरा किया। इसका काम जल्दी ही पूरा होने वाला है।

डा. मेहता ने इंजीनियरों और भारतीय रेलवे के अधिकारियों की उपस्थिति में इस पुल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य सचिव को इस पुल की इंजीनियरिंग की अनूठी विशेषताओं से अवगत कराया जिसकी दुनिया में कोई तुलना नहीं है और यह पेरिस के एफिल टवर से लगभग 29 मीटर ऊंचा है।

मुख्य सचिव ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इंजीनियरिंग स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अपने आप में हमारे देश के इंजीनियरों की क्षमता के बारे में बहुत कुछ बताती है और दूसरों के मनोबल को भी बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह नागरिकों के लिए गौरव की बात है और यह एक इस्पात स्मारक है।

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डा. मेहता ने इस अवसर पर जिला प्रशासन पर इस वास्तुशिल्प चमत्कार को एक पर्यटक स्थल में बदलने के लिए तत्काल उपाय करने के लिए कहा। उन्होंने देखा कि पुल का स्थान सौंदर्य की दृष्टि से भी प्रभावशाली है। यह प्रकृति की गोद में स्थित है। उन्होंने कहा कि थोड़े से हस्तक्षेप से यह स्थान पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन सकता है। उन्होंने संभागीय और जिला प्रशासन को रियासी से ब्रिज साइट तक सड़क के बेहतर रखरखाव के लिए उपाय करने का निर्देश दिया।

उन्होंने उन्हें जहां भी आवश्यकता हो, क्रैश बैरियर लगाने की सलाह दी। उन्होंने कटड़ा और रियासी के बीच सड़क के तत्काल सुधार के भी निर्देश दिए। डा. मेहता ने कहा कि जिला रियासी में जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक पर्यटक आते हैं जो हर साल लगभग एक करोड़ का आंकड़ा पार कर जाता है।

उन्होंने कहा कि जिले में अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थानों की ओर अधिक लोगों को आकर्षित करने की बहुत अच्छी क्षमता है। उन्होंने कहा कि इसमें माता वैष्णो देवी, शिवखौड़ी, सलाल बांध, भीमगढ़ किला आदि जैसे कई प्रसिद्ध स्थल हैं जो इन्हें राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए इन्हें और विकसित करके अपनी क्षमता का दोहन करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं।

रोजगार के अवसर पैदा होंगे...

उन्होंने इस जिले को पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई अन्य सुझाव भी दिए जिससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के अन्य निवासियों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने सभी प्रासंगिक सुविधाओं को विकसित करके और पर्यटकों की परेशानी मुक्त आवाजाही के लिए इन स्थानों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाकर इस जिले के अंदर पर्यटक सर्किट विकसित करने के लिए एक अच्छी तरह से विकसित योजना बनाने का आह्वान किया।

यहां यह बताना उचित होगा कि चिनाब नदी पर बना पुल 1315 मीटर लंबा, और नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा है। यह लोगों को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करके कश्मीर घाटी को भारत के विशाल रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगा। 119 किमी लंबी रेलवे परियोजना में 38 सुरंगें और 931 पुल शामिल हैं जिनकी कुल लंबाई 13 किमी है।