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    Anantnag Encounter: सात दिनों तक चली मुठभेड़ खत्म, लश्कर कमांडर समेत दो आतंकी ढेर; चार वीर सपूतों ने दी शहादत

    By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Tue, 19 Sep 2023 07:51 PM (IST)

    अनंतनाग मुठभेड़ अब समाप्त हो गई है। सुरक्षाबलों ने 156 घंटे तक ऑपरेशन चलाया जिसमें लश्कर के उजैर खान सहित दो आतंकियों को मार गिराया गया। पूरे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी और एक सैन्यकर्मी बलिदान हो गया। सुरक्षाबलों ने इलाके में अभी सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। जंगल में एक और आतंकी का शव होने की आशंका है।

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    सात दिनों तक चली मुठभेड़ खत्म, लश्कर कमांडर समेत दो आतंकी ढेर (फाइल फोटो)

    श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। Anantnag Encounter News अनंतनाग के जंगल में करीब एक सप्ताह (156 घंटे) तक चली मुठभेड़ लश्कर के हिट स्क्वॉड के आतंकी उजैर खान सहित दो आतंकियों के मारे जाने के साथ मंगलवार दोपहर को समाप्त हो गई। हालांकि, जंगल में एक और आतंकी का शव होने की आशंका के चलते क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। इस मुठभेड़ में एक कर्नल, एक मेजर, एक डीएसपी और एक सैन्यकर्मी समेत कुल चार सुरक्षाकर्मी बलिदान और छह जवान घायल भी हुए हैं।

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    इस बीच, बलिदानी प्रदीप सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ पटियाला (पंजाब) में उनके स्वजन के पास भेज दिया गया। इससे पहले, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना व पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बलिदानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    कब शुरू हुई अनंतनाग मुठभेड़?

    बता दें कि अनंतनाग के कोकरनाग के गडोल में मंगलवार शाम को सेना की 19 आरआर और पुलिस के एक संयुक्त कार्यदल ने आतंकियों के छिपे होने की सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया था। आतंकी गडोल के जंगल में बाहरी छोर पर स्थित एक सीधी पहाड़ी पर पेड़ों की ओट में स्थित गुफा में ठिकाना बनाए हुए थे। मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि करीब एक बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी, जिसमें कर्नल मनप्रीत, मेजर आशीष और डीएसपी मुजम्मिल हुमायूं बट और सैन्यकर्मी प्रदीप बलिदान हो गए थे।

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    प्रदीप का पार्थिव शरीर आतंकियों की लगातार फायरिंग और आतंकी ठिकाने के ठीक सामने पड़े होने के कारण नहीं हटाया जा सका था। सोमवार शाम को मुठभेड़स्थल से प्रदीप का पार्थिव शरीर नीचे लाया जा सका। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को जंगल में आतंकी ठिकाने की तलाशी के दौरान एक पिस्तौल, एक कुरान, एक दरी के अलावा कुछ जले हुए हथियार व अन्य साजो सामान मिला है।

    उन्होंने बताया कि मुठभेड़स्थल से एक शव को भी नीचे लाया गया है। यह शव गत रोज मिले आतंकी का बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि मृतक ने एक के ऊपर तीन पेंट पहन रखी थी। उसके शरीर के ऊपरी हिस्से में जैकेट है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि वह आतंकी था।

    'मुठभेड़स्थल पर बिखरे पड़े हैं विस्फोटक'

    कश्मीर पुलिस रेंज के अतिरिक्त महानिदेशक विजय कुमार ने दोपहर बाद मुठभेड़ समाप्त होने की जानकारी देते हुए बताया कि आतंकी उजैर समेत दो आतंकी मारे गए हैं। मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए हैं। उजैर के शव की पहचान की गई है। उसके हथियार व अन्य सामान को कब्जे में लिया गया है। दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना थी, दो मारे गए हैं। तीसरा आतंकी जंगल में छिपा हो सकता है या फिर मारा गया होगा। इसलिए तलाशी अभियान जारी है।

    अतिरिक्त महानिदेशक विजय कुमार ने कहा कि मुठभेड़स्थल और आसपास विस्फोटक बिखरे पड़े हैं। इसलिए स्थानीय लोगों से आग्रह है कि जब तक क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता कोई मुठभेड़स्थल की तरफ न जाए।

    चिनार कोर मुख्यालय में दी श्रद्धांजलि

    सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि चिनार कोर मुख्यालय में बलिदानी प्रदीप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट राजीव घई समेत पुलिस, सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बलिदानी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। इसके बाद बलिदानी का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंजाब के पटियाला में उनके स्वजन के पास भेजा गया। प्रदीप सात वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी है।

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