Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा का दूसरा जत्था रवाना, इस बार 5246 श्रद्धालु हुए शामिल
जम्मू से अमरनाथ यात्रियों का दूसरा जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जत्थे में 5246 श्रद्धालु शामिल थे जिनमें पुरुष महिलाएं बच्चे और साधु शामिल थे। सुरक्षा के बीच रवाना हुए इस काफिले में 268 वाहन थे। लंगर आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए शानदार व्यवस्था की है।

जागरण संवाददाता, जम्मू। हर-हर महादेव, जय बाबा बर्फानी भूखे को अन प्यासे को पानी और भगवान शिव के भजन करते भोले बाबा के भक्ताें का दूसरा जत्था वीरवार को जम्मू के आधार शिविर यात्री निवास भगवती नगर से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ।
वहीं बालटाल और पहलगाम पहुंचे यात्रियों का पहला जत्था सुबह तड़के बाबा भंडारी के दर्शनों के लिए रवाना हुआ।पूरे जम्मू कश्मीर में इन दिनों हर ओर बाबा भाेले नाथ के जयकारे ही गूंज रहे हैं। हमेशा की तरह मंदिरों के शहर के शिवालयों में तो सुबह-सुबह भगवान शिव के भजन गूंजते ही हैं।
यात्रा के चलते बजारों, आधार शिविर, रेलवे स्टेशन और दूसरेे होटलों और सराय आदि में ठहरे यात्रियों की सुबह भी बम-बम भाेले के जय घोष के साथ ही हो रही है। यात्रा क लिए जा रहे श्रद्धालुओं का अभिवादन भी हर-हर महादेव क साथ हाे रहा है।
वीरवार सुबह श्री अमरनाथ यात्रा का दूसरा जत्था रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 5246 श्रद्धालु शामिल हुए।यात्रा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बालटाल मार्ग के लिए 1999 श्रद्धालु रवाना हुए।जिनमें 1533 पुरुष, 102 महिलाएं, 15 बच्चे और 01 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। वहीं, पहलगाम मार्ग के लिए 3247 श्रद्धालु निकले। जिनमें 1757 पुरुष, 975 महिलाएं, 250 बच्चे, 250 साधु और 15 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।
कुल मिलाकर यात्रियों के साथ 268 वाहन रवाना हुए। जिनमें 106 बसें, 124 हल्के मोटर वाहन और 38 दोपहिया वाहन शामिल हैं। बालटाल मार्ग से 137 वाहन जबकि पहलगाम मार्ग से 131 वाहन गए।कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुई इस यात्रा सुरक्षा काफिले में कुल 8 एस्कॉर्ट वाहन और 1 एम्बुलेंस भी शामिल रही।
यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। सभी श्रद्धालुओं समय से पहले ही अपनी-अपनी गाड़ियों में स्थान ग्रहण कर चुके थ। उसके सुरक्षा काफिले के बीच दूसरा जत्था भगवती नगर से निकला। वहीं श्रद्धालुओं की सेवा मं जुटे लंगर आयोजकों का भी यही प्रयास होता है कि श्रद्धालु नाश्ता करके ही निकलें। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लंगर आयोजकोें की ओर से शानदार व्यवस्था की गई है।
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