Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Jammu : मक्की की फसलों पर फाल आर्मी वार्म कीट के हमले से सजग हुआ कृषि विभाग, किसानों को किया जा रहा जागरूक

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Tue, 19 Jul 2022 01:19 PM (IST)

    कृषि विशेषज्ञों की टीमें मक्की की फसल क्षेत्रों का मुआयना कर रही हैं और किसानों को जागरूक कर इन कीटों से निपटने के उपाय भी बतला रही है। वहीं किसानों में जागरूकता लाने के लिए कृषि विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की।

    Hero Image
    अब यह विभिन्न राज्यों में अपनी पकड़ बना रहा है।

    जम्मू, जागरण संवाददाता : मक्की की फसल पर फाल आर्मी वार्म कीट के बढ़ते प्रकोप से किसान परेशान हो उठा है। यह कीट पत्ते का रस चूसने में लगे हुए हैं और धीरे धीरे पत्ता पीला पड़कर सूख जाता है। किसान हैरान है कि मक्की के पौधों के साथ क्या हो रहा है। बाद में मालूम पड़ रहा है कि फाल आर्मी वार्म जोकि विदेशी कीट है, उनकी मक्की की फसल पर आ चुका है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मक्की के पौधों को हो रहे नुकसान से किसान खफा हैं। बीरपुर के किसान गौतम सिंह जम्वाल ने बताया कि कुुछ क्षेत्रों में मक्की की फसल क बुरा हाल है। यह कीट फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर इन कीटों के बढ़ते प्रकोप को लेकर कृषि विभाग सजग हो गया है।

    कृषि विशेषज्ञों की टीमें मक्की की फसल क्षेत्रों का मुआयना कर रही हैं और किसानों को जागरूक कर इन कीटों से निपटने के उपाय भी बतला रही है। वहीं किसानों में जागरूकता लाने के लिए कृषि विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की। इन कीटों के कारण मढ़, डंसाल, नगरोटा, पुरमंडल, सांबा व कठुआ जिलों में मक्की की फसल प्रभावित हुई हैं।

    फाल आर्मी वार्म कीट के बारे में कहा जाता है कि यह मक्खी बनने के बाद उड़कर 100 किलोमीटर की दूरी तय कर जाता है और इससे जगह जगह इससे अंउे पहुंच जाते हैं। यह कीट मक्की की फसल को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इस कीट की भारत में पुष्टि 2018 में कर्नाटक में हुई। उसके बाद अब यह विभिन्न राज्यों में अपनी पकड़ बना रहा है।

    इस कीट के बारे में कहा जाता है कि अफ्रीकन देशों में बड़े पैमाने पर मक्की की फसल इसी के कारण ही बर्बाद हुई थी। अब यह कीट जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। 

    कृषि विभाग के प्लांट हेल्थ क्लीनिक जम्मू के इंचार्ज अरुण खजुरिया ने कहा कि इस कीट के बारे में किसानों को जागरूक होने की जरूरत है। क्योंकि इससे छुटकारा पाना है कि कृषि विभाग की सलाह पर चलते हुए उपाय किए जाने चाहििए। इसके बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है।