जम्मू, जागरण संवाददाता : जम्मू यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कॉलर फोरम ने सरकार की नई रोजगार नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार की युवाओं विरोधी नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फोरम के प्रधान सुरेश मगोत्रा ने रविवार जम्मू विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नान गजटेड श्रेणी में पहले पांच साल तक मात्र पचास प्रतिशत वेतन उपलब्ध करवाने की सरकार की रोजगार नीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसके पीछे सरकार कोई जिम्मेदार तर्क नहीं दे पाई है। यह बड़े अफसोस की बात है कि मंत्री व विधायक 85 हजार मासिक वेतन ले रहे हैं। उनके लिए कोई योग्यता नहीं है, जबकि एमफिल व पीएचडी धारकों को कांट्रेक्ट पर चार हजार दिए जा रहे है। राज्य में पहले ही दस साल तक रोजगार पर प्रतिबंध लगा रहा और अब केंद्र की यूपीए सरकार महंगाई के नए आंकड़े उपलब्ध करवा कर लोगों को मूर्ख बना रही है। ऐसी युवा विरोधी नीति को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। फोरम नवंबर माह में रोजगार नीति के मुद्दे पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगी। अगर सरकार ने नीति को लेकर तबदीली नहीं की तो आने वाले समय यहां पर भी मिश्र और लीबिया जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। मगोत्रा ने सभी युवाओं से अपील की कि वे एकजुट होकर नीति का विरोध करें।

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