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    अभी तक डेरा डाले बैठे हैं पहलगाम हमले के गुनहगार? जम्मू-कश्मीर में 60 आतंकी एक्टिव, एक्शन मोड में आए सुरक्षाबल

    Updated: Sat, 12 Jul 2025 08:57 AM (IST)

    जम्मू संभाग को आतंकमुक्त बनाने के लिए सुरक्षाबलों ने महाअभियान (Jammu Kashmir Terrorists) चलाया है। कठुआ किश्तवाड़ राजौरी पुंछ और रियासी के पर्वतीय क्षेत्रों में छिपे आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए सुरक्षा बल लगातार तलाशी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार लगभग 60 आतंकी सक्रिय हैं जिनमें से 80 प्रतिशत पाकिस्तानी हैं।

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    पहलगाम हमले के बाद भी जम्मू-कश्मीर में ढेरा डाले बैठे 60 आतंकी (File Photo)

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। सुरक्षाबल ने जम्मू संभाग को आतंकमुक्त (Jammu Terrorism) बनाने को महाअभियान छेड़ दिया है। पांच जिलों कठुआ-किश्तवाड़ और राजौरी-पुंछ-रियासी के पर्वतीय क्षेत्रों में छिपे आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बल चप्पा-चप्पा खंगाल रहे हैं।

    आतंकियों को चारों तरफ से घेरा जा रहा है, जिससे उनके लिए बच निकलना मुश्किल है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इस पूरे क्षेत्र में सक्रिय आतंकियों की संख्या को लेकर सभी सुरक्षाधिकारी चुप हैं, लेकिन संबंधित सूत्रों के अनुसार, इनकी संख्या 60 के करीब है और इनमें से 20 से 25 आतंकी राजौरी-पुंछ व अन्य कठुआ-उधमपुर -किश्तवाड़ के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

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    ये सभी आतंकी तीन से पांच का समूह बनाकर चलते हैं। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और खोजी श्वान की भी मदद ली जा रही है।

    अलर्ट मोड पर सुरक्षाबल

    आतंकियों की आवाजाही वाले इलाकों को चिह्नित करते हुए वहां विशेष नाके स्थापित करने के अलावा सुरक्षा बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। रात को भी विभिन्न इलाकों में विशेष नाके लगाने के साथ गश्त को बढ़ाया गया है।

    उन्होंने बताया कि ये आतंकी कश्मीर घाटी में दाखिल न हो पाएं, इसके लिए पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में उन सभी दर्रों, जंगलों और नालों व रास्तों की कड़ी निगरानी की जा रही है, जो जम्मू संभाग को कश्मीर से जोड़ने में प्राकृतिक मार्ग उपलब्ध कराते हैं। पहलगाम हमले की साजिश को अंजाम देने आए आतंकी भी इन्हीं रास्तों से होकर आए थे। संभावना है कि आतंकियों की लिस्ट में पहलगाम हमले के गुनहगार भी शामिल हों।

    आतंकियों में 80 फीसदी पाकिस्तानी

    अधिकारियों ने बताया कि जम्मू संभाग में सक्रिय आतंकियों में लगभग 80 प्रतिशत पाकिस्तानी ही हैं। इन सभी आतंकियों के खिलाफ राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर सहित विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

    आतंकियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और सुनियोजित तरीके से अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों के लिए अपने ठिकाने बदलना या किसी वारदात के लिए ठिकानों से बाहर निकलना मुश्किल है।

    छात्रू में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरा

    आतंकियों के साथ बीते एक माह के दौरान किश्तवाड़, भद्रवाह, उधमपुर और कठुआ के ऊपरी इलाकों में हुई मुठभेड़ें व तलाशी अभियान इसी अभियान का नतीजा हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों किश्तवाड़ के छात्रू में सुरक्षाबल ने अचानक एक पहाड़ी के पास आतंकियों को घेर लिया।

    आतंकियों को घेराबंदी तोड़ भागने के लिए ग्रेनेड फेंका और उसके बाद उन्होंने अपने अत्याधिनुक हथियारों से फायरिंग की। आतंकी इस इलाके में मुठभेड़ से करीब तीन चार दिन पहले से छिपे हुए थे।

    इसी तरह उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में गत दिनों पाकिस्तानी आतंकी मौलवी भी सुरक्षाबल के हाथों मारा गया। उसके अन्य साथी भी अब जान बचाने को मारे-मारे फिर रहे हैं।

    ग्रुप में छिपे हैं ये आतंकवादी

    तीन से पांच के समूह में छिपे संबंधित अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ों में आतंकी तीन से पांच का समूह बनाकर अलग-अलग जगहों पर छिपे रहते हैं। इनमें से अधिकांश ने प्राकृतिक गुफाओं को ठिकाना बनाया है। ये पाकिस्तानी आतंकी गुरिल्ला युद्ध में प्रशिक्षित व अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं।

    एलओसी पर भी कड़ी नजर संबंधित सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग के पर्वतीय इलाकों में जहां कुछ समय पहले तक आतंकियों की गतिविधियों लगातार बढ़ रही थीं, अब पूरी तरह सुरक्षा बल के प्रभावी नियंत्रण में हैं।

    उन्होंने बताया कि आतंकी घाटी की तरफ न जा पाएं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय सीमा या नियंत्रण रेखा पर नए आतंकियों की घुसपैठ न हो, इसके लिए भी एक व्यापक रणनीति के तहत सभी उपाय किए गए हैं। इससे सुरक्षा बल का आतंकियों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है।