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    सेना के साथ पोर्टर बनकर काम करेंगे 350 लद्दाखी वीर, कल से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया; जानें जरूरी बातें

    By Jagran NewsEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Sun, 07 May 2023 04:13 PM (IST)

    लेह में 202 इंजीनियर रेजीमेंट में यह भर्ती रैली आठ मई सुबह बजे से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगी। युवाओं के साथ लद्दाखी युवतियां भी इस भर्ती में भाग्य आजमा सकती हैं। भर्ती में फिजिकल और मेडिकल टेस्ट दोनों होंगे।

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    सेना के साथ पोर्टर बनकर काम करेंगे 350 लद्दाखी वीर

    जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के वीर युवा भारतीय सेना में पोर्टर बनकर चीन, पाकिस्तान से लगते दुर्गम इलाकों तक सेना का साजो सामान पहुंचाकर देश सेवा करने के लिए तैयार हैं। भारतीय सेना की 14 कोर ने प्रदेश के दुर्गम इलाकों में सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को बल देने के लिए अपनी आर्मी पोर्टर कंपनी में लद्दाख के 350 युवाओं को सेना में पोर्टर के रूप में भर्ती करने की तैयारी की है।

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    लेह में 202 इंजीनियर रेजीमेंट में यह भर्ती रैली आठ मई सुबह बजे से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगी। युवाओं के साथ लद्दाखी युवतियां भी इस भर्ती में भाग्य आजमा सकती हैं। अठारह साल से लेकर 40 साल तक के लद्दाखी सेना की इस भर्ती रैली में हिस्सा ले सकते हैं।

    भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अहम बातें

    सेना में पोर्टर बनने के लिए सोमवार से होने वाले फिजिकल टेस्ट में लद्दाख के युवकों को दो मिनट में बीस किलो भार उठाकर चढ़ाई पर 100 मीटर दौड़ लगानी होगी। वहीं युवतियों को बीस किलो भार उठाकर चढ़ाई पर सौ मीटर की दूरी को तीन मिनट में पूरा कर दिखाना होगा।

    फिजिकल टेस्ट के बाद होगा मेडिकल टेस्ट

    फिजिकल टेस्ट में पास होने वाले लद्दाख के युवाओं को बाद में मेडिकल टेस्ट में हिस्सा लेना होगा। फिजिकल टेस्ट व मेडिकल टेस्ट में पास होने वाले युवाओं को पोर्टर के रूप में भर्ती किया जाएगा। चार दिवसीय यह भर्ती रैली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में होगी। इसी बीच भर्ती रैली में सबसे आगे रहने वाले 350 युवाओं को पोर्टर के रूप में सेना के साथ काम करने का मौका मिलेगा।

    कितना मिलेगा वेतन

    उन्होंने हर महीने अठारह हजार रूपये मूल वेतन मिलेगा। इसके साथ उन्हें डीए के साथ फील्ड अलाउंस भी मिलेगा। पोर्टर बनने जा रहे युवाओं के पास सरपंच की ओर से जारी प्रमाणपत्र के साथ पुलिस द्वारा जारी किया गया वेरिफिकेशन फार्म भी होना चाहिए। लद्दाख में सेना के साथ काम करने वाले आर्मी पोर्टर उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। भारी साजो सामान को सेना की अग्रिम चौकियों तक पहुंचाने के साथ आपदा आने की स्थिति में सैनिकों को बचाने के राहत अभियान में भी हिस्सा लेते हैं।