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भारत की लगातार चौथी जीत पर नजर, जालंधर में मलेशिया से मुकाबला; नई रणनीति के साथ उतरेगी हरमनप्रीत सिंह की सेना

By Kamal KishoreEdited By: Priyanshu Tiwari
Published: Sat, 31 Oct 2026 08:54 PM (IST)

हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में रविवार को भारत का मुकाबला मलेशिया से होगा। इस दौरान उसकी नजर लगातार चौथी जीत दर्ज करने पर होगी।

भारत का मलेशिया से मुकाबला

भारत का मलेशिया से मुकाबला

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जागरण, जालंधर। एशियन हाकी चैंपियंस ट्राफी 2026 में रविवार को ओलिंपियन सुरजीत हाकी स्टेडियम में भारत का सामना मलेशिया से होगा। भारत व मलेशिया ने अपने तीनों मैच जीते हैं और नौ अंकों के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

भारत ने पिछले माह जापान में एशियन खेलों में मलेशिया को हराकर ही स्वर्ण पदक जीता था। रविवार को दोनों टीमों का मुकाबला दिलचस्प होगा।

लगातार चौथी जीत पर भारत की नजर

भारत नहीं चाहेगा कि घरेलू मैदान में मलेशिया से मात खाए। मलेशिया काउंटर अटैक करता है, इसलिए भारत को डिफेंस मजबूत रखना होगा। मलेशिया के खिलाड़ी विपक्षी टीम का डिफेंस भेदने के लिए स्कूप का अधिक प्रयोग करते हैं। अब तक भारत का डिफेंस मजबूत रहा है।

भारत ने तीन मैचों में 22 गोल किए हैं, जबकि सिर्फ तीन गोल ही खाए हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह फार्म में हैं और तीन मैचों में पांच गोल कर शीर्ष स्कोरर हैं। मलेशिया के अबू कमाल चार गोल से दूसरे स्थान पर हैं।

हरमनप्रीत की टीम ने तैयार की है अलग रणनीति

हरमनप्रीत ने कहा कि मलेशिया के विरुद्ध अलग रणनीति तैयार की है। भारत के हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने अच्छा खेल दिखाया है। अभिषेक नैन भी फार्म में हैं और तीन गोल कर चुके हैं।

फारवर्ड मनदीप सिंह पहले मैच में हैटट्रिक लगा चुके हैं। ओलिंपियन बलविंदर शम्मी ने कहा कि दोनों टीमें मजबूत हैं। भारत को जीत का सिलसिला बरकरार रखने के लिए डिफेंस मजबूत रखना होगा। मलेशिया का काउंटर अटैक रोककर दबाव बनाना होगा।

पिता की डांट से बल्ला छोड़ मनदीप ने थामी हाकी स्टिक

भारतीय टीम के फारवर्ड मनदीप सिंह को बचपन में क्रिकेट का शौक था। वह घर से यह कहकर निकलते थे कि हाकी खेलने जा रहा है, लेकिन दोस्तों के साथ क्रिकेट के मैदान में पहुंच जाते थे।

मनदीप ने बताया कि पिता चाहते थे कि वह हाकी खेले, क्योंकि दादा व बड़े भाई भी हाकी खेलते थे। एक दिन पिता को इसका पता चल गया तो उन्होंने बहुत डांटा। इसके बाद बल्ला छोड़ दिया और हाकी पर पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया।

मनदीप ने कहा कि वह पिता का सपना पूरा कर रहे हैं। हाकी उनके खून में है। दो ओलिंपिक खेल चुके मनदीप का सपना ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।

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