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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hockey World Cup 2023: हॉकी विश्व कप के लिए आसमान साफ, 14 तक बारिश का खतरा नहीं

By Kamal Kumar BiswasEdited By: Umesh Kumar
Published: Wed, 11 Jan 2023 05:13 PM (IST)

हॉकी विश्व कप के लिए एक विशेष बुलेटिन में IMD ने मंगलवार को कहा कि आने वाले दिनों में कटक ...और पढ़ें

हॉकी विश्व कप 2023 Men Hockey World Cup। फोटो जागरण
हॉकी विश्व कप 2023 Men Hockey World Cup। फोटो जागरण

उड़ीसा, अनुगुल। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान है कि 14 जनवरी, 2023 तक राज्य में बारिश से संबंधित गतिविधियों की कोई भविष्यवाणी नहीं है। खेल प्रेमियों और राज्य के लिए यह अच्छी खबर है। क्योंकि वे भुवनेश्वर और राउरकेला में पुरुष हॉकी विश्व कप देख सकते हैं।

हॉकी विश्व कप के लिए एक विशेष बुलेटिन में, आइएमडी ने मंगलवार को कहा कि आने वाले दिनों में कटक, भुवनेश्वर और राउरकेला में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा। हालांकि दिन के शुरुआती चरण में हल्की धुंध रहेगी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ हो जाएगा।

विश्व कप हॉकी ट्राकी के स्वागत में उमड़ा लोगों का हुजूम

पुरुष हॉकी विश्व कप-2023 के उद्घाटन उत्सव से पहले बुधवार की सुबह ट्राफी को पूरे शहर में घुमाया गया। विश्व कप हॉकी ट्राफी राज्य भर में परिक्रमा करते हुए मंगलवार की शाम को जगतसिंहपुर जिला से आकर कटक जिला के कंदरपुर इलाके में पहुंची थी। जहां पर कटक के जिलाधीश भवानी शंकर चइनी ने स्वागत करने के साथ ट्राफी को अपने हाथ लिया।

इस मौके पर कटक सदर विधायक चंद्र सारथी बेहरा एवं जिला प्रशासन के कई अधिकारी एवं बीजद के नेता मौजूद थे। बुधवार की सुबह सात बजे यह विश्व कप ट्राफी बालियात्रा मैदान से शहर परिक्रमा में निकली। यहां पर कटक से कांग्रेस विधायक मोहम्मद मुकीम, चौद्वार के पूर्व विधायक प्रभात रंजन विश्वाल, बांकी के पूर्व विधायक प्रभात त्रिपाठी, मेयर सुभाष सिंह, उप मेयर दमयंती माझी, जिलाधीश भवानी शंकर चयनी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने दुनिया की सबसे बड़ी हॉकी स्टिक बनाई 

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कला पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने इस बार पांच हजार हॉकी गेंदों का उपयोग करके 105 फीट लंबी हॉकी स्टिक बनाई है। सैंड आर्टिस्ट ने मूर्तिकला के लिए पांच टन से अधिक रेत का इस्तेमाल किया है जो राउरकेला में नवनिर्मित बिरसा मुंडा हाकी स्टेडियम को भी प्रदर्शित करता है। इसे बनाने में सुदर्शन पटनायक को 15 छात्रों ने मदद की थी, जबकि इस बालू की कलाकृति को अंतिम रूप देने में दो दिन का समय लगा।