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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

International Womens day: 5वीं पास बंती देवी ने महिलाओं को बताई बचत की राह, आज 50 लाख का कर रही हैं कारोबार

Published: Sat, 08 Mar 2025 10:35 AM (IST)

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जानिए हिमाचल प्रदेश की बंती देवी की कहानी जिन्होंने 1949 में ही महिलाओं के लिए सहकारी ...और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर विशेष स्टोरी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर विशेष स्टोरी

HighLights

  1. 1.35 रुपये से शुरू की यात्रा, अब 50 लाख का कारोबार
  2. वर्ष 1949 में बंती देवी ने की थी 'द चलेट मीना' महिला सहकारी सभा की स्थापना

अविनाश विद्रोही, गगरेट। मौजूदा परिवेश में महिला उत्थान और समानता के विषय में जागरूकता बढ़ी है लेकिन आजादी के मात्र दो साल बाद जुलाई 1949 में एक महिला ने महिलाओं के लिए सहकारी सभा बना दी थी। दिल्ली में जैसे मीना बाजार (महिलाओं के लिए विशेष बाजार) है, ठीक वैसे ही गगरेट के चलेट गांव में उस दौर में कक्षा पांच तक पढ़ी महिला ने अपने गांव की महिलाओं के लिए सभा का सपना देखा और उसे साकार कर दिया।

मात्र एक रुपये 35 पैसे से की थी शुरुआत 

गगरेट विधानसभा क्षेत्र के भदसाली गांव में जन्मी और गांव चलेट में वर्ष 1933 में सालिग राम के घर में ब्याह कर आई बंती देवी ने 'द चलेट मीना' महिला सहकारी सभा (बचत एंव ऋण) की स्थापना कर मात्र एक रुपये 35 पैसे से शुरुआत की। इस सभा के आरंभ में मात्र 18 महिलाएं थीं और अब 305 महिलाएं जुड़ी हैं।

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महिलाओं में बचत की भावना पैदा करना संस्था का मुख्य उद्देश्य

दावा तो यह किया जाता है कि यह स्वतंत्र भारत की पहली सहकारी सभा है। इस सभा में केवल महिलाएं जुड़ सकती हैं या 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे सभा के सदस्य बन सकते हैं। सभा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में बचत की भावना पैदा करना व जमा पूंजी पर बैंक से अधिक दर पर ब्याज देना है। हालांकि प्रचार-प्रसार कम होने के कारण इस सभा को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए क्योंकि आज भी सभा के पास अपना भवन नहीं है।

बंती देवी के तीन बेटे हैं

बंती देवी के तीन बेटे थे जिसमें से एक प्रसिद्ध व्यवसायी सूरम सिंह थे। एक बेटे बहादुर सिंह बैंक में कार्य करते थे और सबसे छोटे बेटे सुरेंद्र सिंह बीएसएफ में डीआइजी के पद से सेवानिवृत्त होकर पैतृक गांव चलेट में अब अपनी विरासत को संभाल रहे हैं।

50 लाख रुपये का कारोबार कर रही है सभा 

सभा सचिव नेहा शर्मा ने बताया कि इस सहकारी सभा में महिलाएं व 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ही जुड़ सकते हैं। इस समय सभा करीब 50 लाख रुपये का कारोबार कर रही है।

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