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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उद्योग मंत्री के जिले में बेलगाम खनन माफिया

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Published: Sat, 03 Dec 2016 01:00 AM (IST)Updated: Sat, 03 Dec 2016 11:31 AM (IST)

खनन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद भी उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिले में खनन माफिया का उत्पात ...और पढ़ें

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जेएनएन, सोमभद्रा नदी (ऊना) : पौ फटते ही पहले सोमभद्रा नदी के किनारे बैलों के गले में बंधी घंटियों की आवाज मन को सुकून देती थी, लेकिन अब जेसीबी की कर्कश आवाज डराती है। प्रदेश में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध है व उच्च न्यायालय ने ने भी इसे रोकने के लिए सरकार को आदेश दे रखा है, लेकिन उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिले में खनन माफिया का उत्पात किसी को नजर नहीं आ रहा। उस विभाग को भी नहीं, जो उद्योग मंत्रालय के अधीन है।

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प्रदेश में प्रतिबंध लगने के बाद ऊना जिले में अवैध खनन कम होने की बजाय और बढ़ा है। अधिकांश स्टोन क्रशर स्वां नदी के किनारे ही स्थित हैं। इनके नाम माइनिंग लीज स्वीकृत है, लेकिन नियमानुसार वहां जेसीबी की मदद से खनन नहीं किया जा सकता। 'दैनिक जागरण' ने शुक्रवार सुबह उपमंडल अंब से गुजरने वाली स्वां नदी का जायजा लिया। यहां पांच जेसीबी के सहारे नदी में दो किलोमीटर के क्षेत्र में खनन किया जा रहा था। ऐसा कोई आभास नहीं मिला कि प्रदेश में खनन पर प्रतिबंध है। दिन के उजाले में ही खनन माफिया के बुलंद हौसले यह बताने के लिए काफी थे कि उनकी ऊंची राजनीतिक पहुंच के आगे अधिकारी कितने बौने साबित हो रहे हैं।

देखें तस्वीरें : हिमाचल में खनन माफिया के आगे सरकार भी बेबस

टटेहड़ा गांव में स्वां नदी में बड़े-बड़े गड्डे इस पवित्र नदी के साथ हुई बर्बरता की कहानी बयां कर रहे थे। जेसीबी कहीं खनन कर ट्रैक्टर भर रही थी तो कहीं टिप्पर भरे जा रहे थे। बेतहाशा अवैध खनन से स्वां नदी तटीकरण तो खतरे में पड़ा ही है, साथ ही भूमिगत जलस्तर भी निरंतर नीचे गिरता जा रहा है।

खनन विभाग के अतिरिक्त एसडीएम, पुलिस, खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग व सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग और वन विभाग के अधिकारियों सहित कई विभागों को अवैध खनन पर चालान करने की शक्तियां हैं लेकिन खनन माफिया की मजबूत पकड़ के चलते हर कोई इन पर हाथ डालने से कतरा रहा है।

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हिमाचल की सामग्री से पक्का हो रहा पंजाब

हिमाचल की खड्डों का सीना छलनी करने के बाद यहां रेत, बजरी, पत्थर से पंजाब राज्य पक्का हो रहा है। पड़ोसी राज्य का खनन माफिया ऊना में सक्रिय है व यहां से सामग्री उठाकर मोटे दामों में पंजाब में बेच रहा है। कुछ समय पूर्व संतोषगढ़ में प्रशासन ने रास्ते बंद किए थे। दोबारा फिर माफिया ने पांव पसारने शुरू कर दिए है।

दो विभाग जागे बाकी सोए

जिले में खनन को रोकने की जिम्मेदारी केवल दो ही विभाग निभा रहे हैं। पुलिस व खनन विभाग को छोड़कर कोई भी विभाग सक्रिय नहीं है। यही वजह है कि उनके खाते में एक भी चालान नहीं है। सरकार ने उन्हें भी कार्रवाई के अधिकार दिए हैं।

ढील नही होगी सहन : मारिया

प्रशासन खनन को लेकर गंभीर है। प्रशासन सहित पुलिस व अन्य विभागों को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, इसमें ढील सहन नही होगी। -राजेश मारिया, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी

कड़े कदम उठाने के आदेश

जिला पुलिस को खनन के खिलाफ कड़े कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस इस संबंध में कार्रवाई भी कर रही है। खनन में संलिप्त वाहनों को जब्त भी किया गया है। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। - अनुपम शर्मा, जिला पुलिस प्रमुख

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विभाग करेगा कार्रवाई

खनन विभाग समय-समय पर अवैध खनन करने वालों के चालान करता है। अगर कहीं अवैध खनन हो रहा है तो विभाग कार्रवाई करेगा। -कुलभूषण शर्मा, जिला खनन अधिकारी

नहीं दी प्रतिक्रिया

इस संबंध मे पक्ष लेने के लिए उद्योग मंत्री से लगातार संपर्क किया गया। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया व प्रतिक्रिया देने से बचते रहे।

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