सोलन में स्कूलों के पढ़ाने के तरीके में बदलाव, ओरल नहीं लिखित होगी पढ़ाई; शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
सोलन के स्कूलों में अब शिक्षा विभाग ने मौखिक की बजाय लिखित शिक्षण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। शिक्षकों को ब्लैकबोर्ड का अधिक उपयोग करने और सिलेबस को लिखकर समझाने के लिए कहा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि पहले शिक्षक मौखिक रूप से पढ़ाकर पाठ्यक्रम पूरा कर देते थे जिससे छात्रों की समझ पर बुरा असर पड़ता था।

संवाद सहयोगी, सोलन। जिले के स्कूलों में शिक्षण पद्धति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षा विभाग ने अब मौखिक (ओरल) पढ़ाई की बजाय लिखित शिक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी शिक्षकों को कक्षा में अधिक से अधिक ब्लैकबोर्ड का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। आदेश के अनुसार अब शिक्षक पूरे सिलेबस को ब्लैकबोर्ड पर लिखकर ही छात्रों को समझाएंगे।
शिक्षा विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अधिकतर स्कूलों में शिक्षक केवल मौखिक रूप से पढ़ाकर पाठ्यक्रम पूरा कर देते हैं, जिससे छात्रों की समझ और लिखने की आदत पर नकारात्मक असर पड़ता है। अध्यापक मौखिक समझाने में कई बार एक पीरियड में एक से अधिक अध्याय भी निपटा देते थे, लेकिन छात्र उसे समझ नहीं पाते थे।
इसे देखते हुए विभाग ने यह अहम कदम उठाया है। नई प्रणाली के तहत अब एक पीरियड में शिक्षक जितना ब्लैकबोर्ड पर लिख सकते हैं, केवल उतना ही हिस्सा पढ़ा सकेंगे। इससे छात्रों को विषय की गहराई से समझ मिलने की उम्मीद है।
शिक्षकों को प्रतिदिन ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाए गए सिलेबस की फोटो खींचकर डिप्टी डायरेक्टर को भेजनी होगी ताकि इसकी निगरानी की जा सके। आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित शिक्षक पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
लिखित शिक्षण से छात्र केवल सुनने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विषय को पढ़ने व लिखने से उनका रिवीजन अपने आप होता रहेगा। यह तरीका परीक्षा की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होगा। इस निर्णय का सख्ती से पालन करना सभी स्कूलों में अनिवार्य रहेगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
गोपाल चौहान, शिक्षा उप निदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग, सोलन।
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