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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कालका-शिमला फोरलेन का लटक सकता है निर्माण कार्य, जानें क्या है वजह

By Babita kashyapEdited By:
Published: Thu, 26 Dec 2019 08:46 AM (IST)

Kalka Shimla Fourlane कालका-शिमला फोरलेन निर्माण में लगी कंपनियां अब काम समेटने की तैयारी मेें है जिससे निर्माण कार्य लटक सकता है।

कालका-शिमला फोरलेन का लटक सकता है निर्माण कार्य, जानें क्या है वजह
कालका-शिमला फोरलेन का लटक सकता है निर्माण कार्य, जानें क्या है वजह

सोलन, जेएनएन। चंडीगढ़ से शिमला फोरलेन का प्रोजेक्ट लड़खड़ाने लगा है। फोरलेन निर्माण में लगी कंस्ट्रक्शन कंपनियां अब सामान समेटने में लगी हैं। परवाणू से शिमला के लिए तीन अलग चरणों में फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर एक कंपनी निर्माण कार्य बंद कर चुकी है और वहीं अब दूसरी कंपनी भी काम बंद करने का मन बना रही है।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टेंडर के जरिए फोरलेन निर्माण का कार्य सौंपा था। पहला चरण परवाणू से सोलन के चंबाघाट तक निर्धारित किया गया था। इस निर्माण को ग्रिल इंफ्रा कंपनी अंजाम दे रही है और लगभग 90 फीसद निर्माण कार्य को पूरा भी कर चुकी है। दूसरे चरण का निर्माण चंबाघाट से कैथलीघाट तक किया जाना है जिसे इन दिनों ऐरिफ इंजीनियरिंग कंपनी अंजाम  दे रही है। यह कंपनी अभी तक 15 से 20 फीसद तक का निर्माण कार्य कर पाई है। तीसरे चरण का कार्य कैथलीघाट से ढली शिमला तक किया जाना था जिसे चेतक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही थी।

इस कंपनी ने लगभग पांच फीसद के करीब कार्य किया और अब काम बंद करने के लिए आवेदन कर दिया है। अब ऐरिफ कंपनी भी निर्माण को बंद करने की तैयारी में है। एरिफ इंजीनियरिंग कंपनी के जीएम अमित मलिक ने बताया कि बजट व डंपिंग सहित कई अन्य मामलों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्हें मजबूरन काम रोकना पड़ सकता है। हालांकि अभी निर्माण कार्य जारी है।

वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ऐके स्वामी ने कहा कि हमारे पास कंपनी का किसी भी तरह का बजट लंबित नहीं है। कंपनी को नियमों व शर्तों के मुताबिक ही काम करना होगा।