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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ददाहु गिरी नदी से श्री रेणुका जी तक विशाल शोभायात्रा, एक सप्ताह तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय मेले का हुआ शुभारंभ

By Jagran NewsEdited By: Monu Kumar Jha
Published: Wed, 22 Nov 2023 10:51 AM (IST)Updated: Wed, 22 Nov 2023 07:11 PM (IST)

सिरमौर में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले (International Sri Renukaji Fair 2023) की पहली सांस्कृतिक संध्या में सिने जगत पंजाबी व सूफी ...और पढ़ें

International Sri Renukaji Fair 2023 में पंजाबी व सूफी कलाकारों के साथ हिमाचली आर्टिस्ट भी मचाएंगे धमाल। फाइल फोटो
International Sri Renukaji Fair 2023 में पंजाबी व सूफी कलाकारों के साथ हिमाचली आर्टिस्ट भी मचाएंगे धमाल। फाइल फोटो

HighLights

  1. मेले में पंजाबी व हिमाचली कलाकार मचाएंगे धूम
  2. श्रीरेणुकाजी झील में स्नान का है विशेष महत्व
  3. पंजाबी भंगडा, हरियाणवी घूमर आदि से दर्शक होंगे मंत्र मुग्ध

जागरण संवाददाता, नाहन। International Sri Renukaji Fair 2023: उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री रेणुका जी में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय मेले का शुभारंभ बुधवार को विशाल शोभायात्रा के साथ विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने किया। विस अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने भगवान परशुराम की पालकी को कांधा देकर यात्रा शुरू करवाई। मां श्री रेणुका जी एवं पुत्र परशुराम के पारंपरिक मिलन का प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला गिरी नदी के तट से शुरू होकर त्रिवेणी संगम तक लगता है। 

श्री रेणुका जी के जयकारों से गूंज उठी घाटी

जामूकोटी से ददाहु पहुंचने पर भगवान परशुराम की पालकी का सबसे पहले अभिनंदन सिरमौर रियासत के शाही परिवार के सदस्य कुंवर अजय सिंह बहादुर द्वारा गिरी नदी में किया गया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान परशुराम की पूजा अर्चना कर पारंपरिक देव परंपरा को भी निभाया। वर्षों से सिरमौर शाही परिवार के सदस्य भगवान परशुराम की पालकी का स्वागत करने की परंपरा निभा रहे हैं। इसी दौरान पारंपरिक ढोल नगाड़ों के साथ श्री रेणुका जी घाटी भगवान परशुराम तथा मां श्री रेणुका जी के जयकारों से गूंज उठी। 

पहले दिन भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालू

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार इस बार देव पालकियों का ठहराव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ना कर गिरी नदी के तट पर किया गया।  रात्रि विश्राम के बाद वीरवार सुबह सभी देवताओं का पवित्र झील में स्नान करवाया जाएगा। बुधवार दोपहर बाद पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ शुरू हुई शोभायात्रा में प्राचीन मंदिर जामू कोटी से भगवान परशुराम, कटाह, मंडलांह और माशू से चार देवताओं ने मेलों में अपनी हाजिरी भरी है। मेले के पहले दिन हिमाचल सहित हरियाणा उत्तराखंड से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 

परशुराम तथा मां श्री रेणुका जी मंदिर में हुई पूजा

जिन्होंने भगवान परशुराम तथा मां श्री रेणुका जी मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री रेणुकाजी झील में वीरवार को एकादशी के दिन होने वाले शाही स्नान का अपना विशेष महत्व होता है। मेले के शुभारंभ अवसर पर जिला सिरमौर के विभिन्न अधिकारी तथा कांग्रेस के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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