हिमाचल में सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, 14 होटल को निजी हाथों में सौंपा; जानिए वजह
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास निगम के 14 घाटे में चल रहे होटलों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है। इन होटलों का संचालन और रखरखाव अब निजी कंपनियां करेंगी। सरकार के इस कदम से कर्मचारियों में चिंता है। कर्मचारी यूनियन ने इस निर्णय का विरोध करने की बात कही है। उच्च न्यायालय ने पहले भी निगम के 18 होटलों को बंद करने के आदेश दिए थे।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के एक दशक से अधिक समय से घाटे में चल रहे 14 होटल निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी निर्देशों में इन होटलों का ऑपरेशन और मेंटिनेंस निजी कंपनियां या व्यक्ति विशेष संभालेंगे।
इसमें प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार को तीन महीने के भीतर औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम से पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों में भविष्य को लेकर चिंता हो गई है।
भाजपा सरकार के समय में निजीकरण की ओर से उठाया गया कदम वर्तमान सरकार में धरातल पर उतरा है। इसके बाद होटलों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की सेवा शर्तों का नए सिरे से निर्धारण करना होगा। पर्यटन विकास निगम के होटलों में सुधारवादी कदमों के चलते निगम की आय में वृद्धि होना शुरू हुई थी।
संपर्क करने पर राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि ये मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया निर्णय है। घाटे के इन होटलों को किस तरह से निजी हाथों में दिया जाएगा? इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की सेवा शर्तें क्या रहेगी, इन सभी पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
घाटे में चल रहे निजी होटल
- होटल हिलटाप स्वारघाट
- होटल गिरिगंगा खड़ापत्थर
- होटल लेकव्यू बिलासपुर
- होटल चांशल रोहडू
- होटल बघाल दाड़लाघाट
- टूरिज्म इन राजगढ़
- वे-साइट एमिनिटी भराड़ीघाट
- होटल सरवरी कुल्लू
- होटल ममलेश्वर चिंडी
- होटल ओल्ड रोज कामन कसौली
- होटल एपल ब्लास्म फागू
- काश्मीर हाउस धर्मशाला
- होटल शिवालिक परवाणू
- होटल उहल जोगेंद्रनगर
28 जून को मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया था निर्णय
सरकार ने 28 जून को मंत्रिमंडल बैठक में पर्यटन विकास निगम के 14 होटलों को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया था। जिसके तहत आपरेशन एंड मेनेजमेंट के लिए जो होटल निजी हाथों में दिया जा रहा है। कुल मिलाकर निगम प्रबंधन का इन होटलों में किसी प्रकार का दखल नहीं रह जाएगा।
हम इस निर्णय का विरोध करेंगे: हुकम राम व राज कुमार शर्मा
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष हुकम राम व महासचिव राज कुमार शर्मा ने कहा कि निगम के इस निर्णय का विरोध किया जाएगा। अभी सरकार के आदेशों का अध्ययन किया जा रहा है।
इसके बाद कर्मचारियों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी। होटल सरकारी संपत्ति है और इन्हें निजी हाथों में देने के निर्णय का कर्मचारी हर स्तर पर विरोध करेंगे।
उच्च न्यायालय के 18 होटल बंद करने के थे आदेश
नवंबर, 2024 में प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य पर्यटन विकास निगम के घाटे में चल रहे 18 होटलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए थे।
इस तरह के आदेश निगम के मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को वित्तीय लाभ दिए जाने से जुड़ी याचिका पर दिए गए थे। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में निगम के 18 होटलों को सफेद हाथी बताया था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।