कहीं खिले चेहरे तो कहीं बढ़ी मुसीबत... हिमाचल में जमकर बरस रही 'चांदी', बर्फबारी में जाने से पहले ये Points नोट कर लें
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का क्रम जारी है। जहां एक ओर प्रदेश में पर्यटक जमकर आ रहे हैं। वहीं बर्फबारी से नई समस्याएं भी पैदा हो गई हैं। हालांकि करीब तीन महीने के सूखे के बाद बागवानी इलाकों को बड़ी राहत मिली है। खासतौर से शिमला सिरमौर और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से राज्य की कृषि खासकर सेब के बागों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

एएनआई, शिमला। हिमाचल प्रदेश में करीब तीन महीने के सूखे के बाद बागवानी इलाकों को बड़ी राहत मिली है। करीब तीन महीने बाद हुई बर्फबारी से बागवानी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिली है।
हाल ही में हुई बर्फबारी, खासकर शिमला, सिरमौर और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने राज्य की कृषि, खासकर सेब के बागों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। हालांकि, भारी बर्फबारी से प्रदेश में सड़कों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।
प्रदेश में बर्फबारी से सड़कों पर बर्फ जम गई, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस समस्या को सुलझाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयास लगातार जारी है। हालांकि, बर्फबारी से प्रदेश में पर्यटन में बढ़ावा हुआ है और कारोबारियों की जमकर कमाई हो रही है।
राजस्व और आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) ओंकार चंद शर्मा के अनुसार, समय पर हुई यह बर्फबारी राज्य के किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद रही है।
शर्मा ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि लंबे समय तक शुष्क मौसम के बाद, शिमला और हिमाचल प्रदेश के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आखिरकार बर्फबारी हुई।
कल रात हुई बर्फबारी शिमला के ऊपरी क्षेत्रों जैसे जुब्बल, चौपाल, खड़ापत्थर, गिरी और नारकंडा में भारी थी, कुछ क्षेत्रों में एक फुट तक बर्फबारी हुई। सिरमौर, किन्नौर और चंबा के ऊंचे क्षेत्रों, जिनमें पांगी और भरमौर शामिल हैं, के साथ-साथ जय चौहान घाटी में भी भारी बर्फबारी हुई।
बर्फबारी से 174 सड़कें बंद
आज सुबह तक, बर्फबारी के कारण कुल 174 सड़कें बंद थीं, और जबकि कुछ सड़कें पहले ही फिर से खोल दी गई हैं, अन्य अभी भी अवरुद्ध हैं।
राज्य के राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हुए हैं, और इन मार्गों को साफ करने के प्रयास जारी हैं। शर्मा ने बताया कि बर्फ हटाने का काम जोरों पर है, जिसमें स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की सेवा करने वाली प्रमुख सड़कों और क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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उन्होंने आगे कहा, "सड़कों के बंद होने के अलावा, भारी बर्फबारी ने राज्य भर में 683 बिजली ट्रांसफार्मरों को भी बाधित किया है। मरम्मत दल ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, राज्य की जल आपूर्ति में व्यवधान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है, क्योंकि पानी की लाइनें आमतौर पर तब तक अप्रभावित रहती हैं जब तक तापमान शून्य से नीचे नहीं चला जाता।
पर्यटकों के लिए जरूरी दिशानिर्देश
सर्दियों के मौसम में हिमाचल प्रदेश आने वाले पर्यटकों के बारे में शर्मा ने सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने खूबसूरत राज्य में पर्यटकों का स्वागत करते हैं और उनसे जिला और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध करते हैं।
पर्यटकों के लिए जरूरी दिशानिर्देश
- बर्फीली सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
- बर्फ पर फिसलने से बचने के लिए फ्लैट जूते पहनने की सलाह दी जाती है।
- जाम की स्थिति में संयम रखें तथा वाहन से खुले में न निकलें।
- यात्रा के दौरान सह-ड्राइवर व सहयात्री का सहयोग व मदद करें।
- ऊंची चोटियों पर चढ़ने से बचें तथा फिसलन भरे रास्तों की ओर जाने से परहेज करें।
- गीले कपड़ें बिल्कुल पहनकर न रखें।
- बर्फ को खाना या अन्य जलस्रोतों से डायरेक्ट पानी पीने से बचना चाहिए।
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